बलिया पहुंचा सपा के दिग्गज नेता रामगोविंद चौधरी का पार्थिव शरीर, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

यूपी तक

• 12:27 PM • 27 Sep 2026

Ram Govind Chaudhary Last Journey: रामगोविंद चौधरी की अंतिम यात्रा शनिवार को लखनऊ से बलिया तक निकली. बारिश और तेज हवाओं के बावजूद रास्ते भर बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे और उन्हें श्रद्धांजलि दी.

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Ram Govind Chaudhary Last Journey: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी की अंतिम यात्रा शनिवार को लखनऊ से बलिया पहुंची. बारिश और खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में लोग अपने नेता की आखिरी झलक पाने के लिए सड़क किनारे खड़े रहे. लखनऊ से बलिया तक करीब 200 गाड़ियों का काफिला उनके पार्थिव शरीर के साथ चला. रास्ते में कई जगह लोगों ने फूल चढ़ाकर और हाथ जोड़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. बलिया पहुंचने के बाद उनके पार्थिव शरीर को पहले निजी आवास और फिर समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय ले जाया गया.

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लखनऊ में दी गई श्रद्धांजलि

शनिवार को लखनऊ स्थित रामगोविंद चौधरी के आवास पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे. बारिश के बीच सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीजेपी विधायक केतकी सिंह, मंत्री दयाशंकर सिंह, ओम प्रकाश राजभर और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद समेत कई नेताओं और समर्थकों ने उनके अंतिम दर्शन किए और अपनी पुष्पांजलि अर्पित की.

200 गाड़ियों का लंबा काफिला

लखनऊ से करीब 200 गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ रामगोविंद चौधरी का पार्थिव शरीर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते बलिया के लिए रवाना हुआ. रास्ते में कई जगहों पर लोग अंतिम दर्शन के लिए खड़े दिखाई दिए. बारिश और तेज हवाओं के बावजूद लोग डटे रहे. जैसे ही काफिला बलिया की सीमा में दाखिल हुआ, बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन के लिए उमड़ पड़े. कई लोगों ने फूल चढ़ाकर तो कुछ ने हाथ जोड़कर अपने नेता को श्रद्धांजलि दी.

पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

शनिवार शाम करीब सवा पांच बजे उनका पार्थिव शरीर बलिया स्थित उनके आवास पर पहुंचा. यहां भी लोगों का भारी हुजूम मौजूद था. सपा विधायक संग्राम यादव और जयप्रकाश अंचल समेत कई दिग्गज नेता अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे. इसके बाद पार्थिव शरीर को जगदीशपुर स्थित सपा कार्यालय ले जाया गया. सपा के प्रदेश सचिव जुबेर सोनू ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका जाना बलिया के नौजवानों और राजनीति के लिए एक बहुत बड़ी और अपूरणीय क्षति है. उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव गोसाईपुर में किया जाएगा.