यूपी में चुनाव से पहले NDA में घमासान! चिराग पासवान की एंट्री पर भड़के राजभार, पार्टी से निकलने की दी चेतावनी

कुमार अभिषेक

06 Nov 2026 (अपडेटेड: 06 Nov 2026, 12:41 PM)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बिहार की NDA पार्टियों की यूपी में सक्रियता ने गठबंधन के भीतर हलचल बढ़ा दी है. चिराग पासवान और नीतीश कुमार की पार्टी की एंट्री को लेकर ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा ने नाराजगी जताई है. अरविंद राजभर ने चेतावनी दी है कि अगर बीजेपी ने बिहार की पार्टियों को यूपी NDA में जगह दी, तो उनकी पार्टी गठबंधन छोड़ने पर विचार कर सकती है.

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उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है. एक तरफ जहां बिहार की एनडीए सहयोगी पार्टियां, जैसे चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और नीतीश कुमार की जेडीयू, उत्तर प्रदेश में अपने पांव जमाने की कोशिश कर रही हैं. वहीं, यूपी के एनडीए सहयोगी दल इसे लेकर काफी बेचैन और नाराज हैं. ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वह बिहार की किसी भी एनडीए पार्टी को उत्तर प्रदेश चुनाव में एंट्री नहीं करने देंगे. सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर बीजेपी ने बिहार की पार्टियों को यूपी में एंट्री दी, तो उनकी पार्टी गठबंधन से बाहर जाने तक का फैसला ले सकती है.

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चिराग पासवान ने वाराणसी में दिखाई ताकत

हाल ही में चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक बड़ी रैली कर अपनी ताकत दिखाई. इस रैली में "गूंजे धरती आसमान, पंडित पासी पासवान" का नारा खूब गूंजा. चिराग की पार्टी यूपी में लगातार सक्रिय हो रही है और माना जा रहा है कि बीजेपी भी उन्हें पर्दे के पीछे से समर्थन दे रही है. बीजेपी को लगता है कि पिछले चुनाव में जिस पासी समुदाय ने उसका साथ छोड़ दिया था, उसे चिराग पासवान के जरिए वापस अपने खेमे में लाया जा सकता है.

'हमें रोका था, अब हम रोकेंगे'

बिहार की पार्टियों की यूपी में एंट्री को लेकर अरविंद राजभर ने बलिया में एक तीखा बयान दिया. उन्होंने कहा, "जब हमें बिहार चुनाव के दौरान वहां के एनडीए गठबंधन का हिस्सा नहीं बनने दिया गया, तो हम भी उत्तर प्रदेश के एनडीए में बिहार की पार्टियों की एंट्री नहीं होने देंगे." उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूपी में किसी बाहरी पार्टी को एनडीए में शामिल किया जाता है, तो उनकी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी आने वाले समय में कुछ और सोचने पर मजबूर हो जाएगी.

सीटें कटने का सता रहा है डर

यूपी की क्षेत्रीय एनडीए पार्टियों (सुभासपा, अपना दल एस, निषाद पार्टी) की इस बेचैनी का मुख्य कारण उनका अपना वोट बैंक और सीटें हैं. अगर जेडीयू यूपी में चुनाव लड़ती है, तो इसका सीधा असर अनुप्रिया पटेल के कुर्मी वोट बैंक पर पड़ेगा. इसी तरह, चिराग पासवान की एंट्री ओम प्रकाश राजभर और अन्य सहयोगी दलों के दलित-ओबीसी कोटे की सीटों पर सेंध लगा सकती है. राजभर को यह भी लगता है कि अगर बाहर से पार्टियां आईं, तो यूपी एनडीए में उनकी खुद की अहमियत और सीटों का कोटा कम हो जाएगा.

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