AI की निगरानी में संपन्न हुई UP PET परीक्षा, 35 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दिया पेपर, 67 संदिग्ध पकड़े गए

उत्तर प्रदेश में UPSSSC PET 2026 की परीक्षा इस बार AI, CCTV और बायोमेट्रिक निगरानी के बीच कराई गई. 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को 60 जिलों के 10,372 केंद्रों पर हुई परीक्षा में 35.42 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया.

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उत्तर प्रदेश सबोर्डिनेट सर्विसेज सिलेक्शन कमीशन द्वारा आयोजित प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा इस बार कड़ी सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के साये में सपन्न हुई है. यह परीक्षा ग्रुप सी और ग्रुप बी की नौकरियों के लिए एक एंट्रेंस एग्जाम है, जिसे पास करने के बाद अभ्यर्थी मेन्स परीक्षा में बैठ सकते हैं. इस साल पीईटी परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को तीन दिनों में और छह पालियों में संपन्न कराई गई, जिसमें लगभग 35 लाख 42 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए एआई और सीसीटीवी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए 67 संदिग्ध अभ्यर्थियों को पकड़ा गया और दो लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई. यूपी ट्रिपल एससी के चेयरमैन एसएन साबत ने परीक्षा की निगरानी और सॉल्वर गैंग के खिलाफ हो रही कार्रवाई की पूरी जानकारी दी है.

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कंट्रोल रूम से एक-एक कमरे पर नजर

यूपी ट्रिपल एससी के चेयरमैन एसएन साबत ने बताया कि 60 जिलों के 10,372 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई. लखनऊ में बनाए गए जिलेवार कंट्रोल रूम से हर परीक्षा केंद्र के एंट्री गेट, क्लासरूम, स्टाफ रूम और उस कमरे की भी निगरानी रखी जा रही है, जहां परीक्षा पत्र रखे जाते हैं और कॉपियां सील होती हैं. हर ब्लॉक में लगभग 2 कैमरे लगाए गए हैं, जो एआई तकनीक से जुड़े हैं. अगर कंट्रोल रूम से कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखती है, तो एक मिनट के अंदर वहां मौजूद नोडल अधिकारी और मजिस्ट्रेट को सूचना दे दी जाती है और तुरंत कार्रवाई होती है.

एआई और बायोमेट्रिक से हो रही है जांच

परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बायोमेट्रिक का खास इस्तेमाल हो रहा है. एसएन साबत ने बताया कि जो भी अभ्यर्थी परीक्षा देने आते हैं, उनका बायोमेट्रिक डेटा लिया जाता है. एआई के जरिए यह भी चेक किया जाता है कि क्या इस अभ्यर्थी ने पहले भी इस कमीशन की कोई परीक्षा दी थी और तब उसने किस नाम से फॉर्म भरा था. इसके अलावा, फेशियल रिकॉग्निशन और अभ्यर्थियों की अलग-अलग हरकतों (एक्टिविटीज) को भी एआई के जरिए मॉनिटर किया जा रहा है, ताकि सॉल्वर गैंग और फर्जी अभ्यर्थियों को आसानी से पकड़ा जा सके.

सॉल्वर गैंग पर होगी सख्त कार्रवाई

सॉल्वर गैंग को चेतावनी देते हुए यूपी ट्रिपल एससी के चेयरमैन ने कहा कि पुलिस, एसटीएफ (STF) और तकनीक का इस्तेमाल करके ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. शासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि परीक्षा ईमानदारी से हो. इसके लिए हर जिले में एडीएम स्तर के नोडल अधिकारी और पुलिस की तैनाती की गई है. अगर कोई भी अभ्यर्थी नकल या सॉल्वर गैंग के साथ जुड़ा हुआ पाया जाता है, तो उस पर पुलिस कार्रवाई तो होगी ही, साथ ही कमीशन भी उसे भविष्य की सभी परीक्षाओं से डिबार (प्रतिबंधित) कर देगा.

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