दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली आयोजित की गई है. इस रैली में हजारों की संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल हुए हैं. इसी भीड़ में एक ऐसा चेहरा भी नजर आया जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. यह चेहरा है कृष्णकांत भाटी का, जो बिल्कुल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरह दिखते हैं. उनका फेस कट, हेयर स्टाइल और यहां तक कि बोलने का अंदाज भी काफी हद तक अखिलेश यादव से मिलता-जुलता है. रामलीला मैदान में उन्होंने हमारे रिपोर्टर से बातचीत करते हुए चुनाव आयोग, ईवीएम और 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ी बातें कहीं है.
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चुनाव आयोग पर लगाए बेईमानी के आरोप
कृष्णकांत भाटी ने बातचीत में कहा कि सपा कार्यकर्ता इस रैली में मुख्य रूप से चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आए हैं. उनका आरोप है कि ज्ञानेश कुमार के रहते हर चुनाव में बेईमानी हुई है. हाल ही में हुए एमएलसी चुनावों में बीजेपी की 6 और सपा की 5 सीटों पर जीत का जिक्र करते हुए भाटी ने कहा कि अगर बेईमानी और वोट चोरी नहीं होती, तो सपा 9 सीटें जीत जाती. उन्होंने बीजेपी पर बूथ कैप्चरिंग और वोट न डालने देने के गंभीर आरोप भी लगाए.
2027 में 300 सीटों के साथ सपा सरकार
ईवीएम (EVM) के मुद्दे पर अखिलेश यादव के पुराने बयान का समर्थन करते हुए कृष्णकांत भाटी ने कहा कि पहले वे 2027 में यूपी में 300 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएंगे, उसके बाद दिल्ली से बीजेपी को हटाकर ईवीएम को खत्म करेंगे. इंडिया गठबंधन में यूपी की सीट शेयरिंग खासतौर पर कांग्रेस की 175 सीटों की मांग पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और कांग्रेस नेतृत्व के बीच बातचीत हो चुकी है और एक महीने के अंदर सीटों का बंटवारा फाइनल हो जाएगा. उन्होंने दावा किया कि गठबंधन बहुत मजबूती से चुनाव लड़ेगा और 300 से कम सीटें नहीं लाएगा.
टिकट की नहीं, अखिलेश को सीएम बनाने की चाहत
अपने बारे में बताते हुए कृष्णकांत भाटी ने कहा कि वह साल 2004 से, जब वह हाईस्कूल में थे, तब से ही अखिलेश यादव के साथ जुड़े हुए हैं. उन्होंने बताया कि दादरी में गुर्जरों की एक बड़ी रैली के बाद अखिलेश यादव उन्हें अपने साथ जेट में भी ले गए थे, जिसकी तस्वीरें भी काफी वायरल हुई थीं. जब उनसे टिकट को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें टिकट की कोई चाहत नहीं है. उनकी इकलौती इच्छा बस यही है कि 2027 में अखिलेश यादव फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बन जाएं, वही उनके लिए सबसे बड़ा इनाम होगा.
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