मायावती का सबसे बड़ा हमला! चंद्रशेखर की जीत को बताया 'बीजेपी का षड्यंत्र'

यूपी तक

• 07:41 PM • 28 Sep 2026

मायावती ने चंद्रशेखर आजाद पर नगीना में जनाधार न होने और बीजेपी से गठजोड़ की नजीर लगाई है। उनकी जीत को लेकर चुनावी धांधली की बातें भी हुई हैं। यह पश्चिमी यूपी की दलित राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है।

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मायावती ने आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद पर सख्त आरोप लगाए हैं कि उनका नगीना सीट पर कोई खास जनाधार नहीं है और चुनाव में उन्हें टिकट भाजपा की मदद से मिली है. उन्होंने ईवीएम धांधली का भी आरोप लगाया है तथा कहा कि चंद्रशेखर आजाद बीजेपी के इशारों पर काम कर रहे हैं. नगीना लोकसभा सीट की यह राजनीति पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में बड़े बदलाव का प्रतीक मानी जा रही है. 2024 के चुनाव में चंद्रशेखर ने भाजपा और बीएसपी समेत बड़े दलों को परास्त किया, जो मायावती के अनुसार षडयंत्र के तहत हुआ.

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नगीना की यह सीट और उसका सामाजिक राजनीतिक परिदृश्य गहराई से अध्ययन करने योग्य है, क्योंकि यहां का चुनाव सिर्फ मतदाताओं के फैसले का परिणाम नहीं बल्कि राजनैतिक खेल का भी हिस्सा माना जा रहा है. मायावती के आरोपों के अनुसार यह चुनाव लोकतंत्र के मूल्य और राजनीतिक ईमानदारी पर सवाल उठाता है.

चंद्रशेखर की जीत पर सवाल उठाना और उनके जनाधार पर शक करना राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है. हालांकि लोकतंत्र में वोटरों का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन आरोपों की गहराई में जाकर राजनीतिक सच को समझना आवश्यक है. इस मुकाबले में दलित राजनीति की नई दिशा और भविष्य की रूपरेखा भी रखी जा रही है.

यह मामला केवल चंद्रशेखर और मायावती की लड़ाई नहीं है बल्कि दलित वोट बैंक के नियंत्रण को लेकर बनती सियासत को भी इंगित करता है. कैसे नया नेतृत्व पुराने प्रभुत्व को चुनौती दे रहा है, यह मुद्दा आगे और भी संवेदनशील होगा.

देश की राजनीति में चुनावी आरोप-प्रत्यारोप आम बात हैं, लेकिन इस बार मायावती ने सार्वजनिक रूप से चंद्रशेखर पर बीजेपी के सहारे जीत हासिल करने का बड़ा आरोप लगाया है. इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दलित राजनीति में नई लड़ाई और बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है.