Ram Govind Chaudhary Death: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का निधन हो गया है. शुक्रवार रात लखनऊ के एसजीपीजीआई (SGPGI) अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. करीब पांच दशक लंबे अपने राजनीतिक सफर में रामगोविंद चौधरी आठ बार विधायक रहे. उनके निधन से समाजवादी आंदोलन की एक मुखर आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई है. उनके निधन की खबर मिलते ही पूरी समाजवादी पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई. सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के तमाम नेताओं ने उन्हें नम आंखों से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.
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अखिलेश यादव ने दी भावुक श्रद्धांजलि
सपा प्रमुख अखिलेश यादव रामगोविंद चौधरी को श्रद्धांजलि देने उनके लखनऊ आवास पर पहुंचे. इस दौरान उनके साथ मंत्री दयाशंकर सिंह भी नजर आए. अखिलेश यादव ने फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया और काफी भावुक दिखे. उन्होंने कहा कि रामगोविंद जी ने अपना पूरा जीवन समाजवादी आंदोलन और संघर्ष में गुजार दिया. उन्होंने जेपी, चंद्रशेखर, जनेश्वर मिश्र और नेताजी के साथ काम किया था. सदन में सरकार को घेरने और अपनी बात रखने का उनका तरीका बहुत ही प्रभावी था. उनके ना रहने से समाजवादी पार्टी और आंदोलन को बहुत बड़ी क्षति हुई है.
बलिया की धरती के सच्चे नेता
रामगोविंद चौधरी को पूर्वांचल का गांधी भी कहा जाता था. उनका जन्म 9 जुलाई 1946 को बलिया में हुआ था. अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने कभी अपनी परवाह नहीं की और हमेशा गरीब, किसान, गांव और कमजोर लोगों के साथ खड़े रहे. अंतिम दर्शन के बाद रामगोविंद चौधरी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव बलिया ले जाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा. बांसडीह से उन्हें हराने वाली बीजेपी विधायक केतकी सिंह समेत कई अन्य नेताओं ने भी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है.
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
रामगोविंद चौधरी ने टीडी कॉलेज बलिया से पोस्ट ग्रेजुएशन और एलएलबी की पढ़ाई की थी. वे छात्र राजनीति से ही समाजवादी विचारधारा से जुड़ गए थे. आपातकाल के दौरान संपूर्ण क्रांति आंदोलन में हिस्सा लेने पर वे जेल भी गए. साल 1977 में वे पहली बार विधायक बने. इसके बाद 1980, 1985, 1990 और 1991 में लगातार चुनाव जीते. 2012 में वे बांसडीह से विधायक बने और अखिलेश सरकार में मंत्री भी रहे. 2017 में अखिलेश यादव ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाया था, हालांकि 2022 का चुनाव वे हार गए थे. उनके निधन पर सीएम योगी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं.
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