Ram Govind Chaudhary: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और आठ बार के विधायक रामगोविंद चौधरी का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने 25 सितंबर को लखनऊ के एसजीपीजीआई अस्पताल में सवा पांच बजे अपनी अंतिम सांस ली. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन की खबर से समाजवादी पार्टी सहित पूरे राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी भावुक श्रद्धांजलि दी. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक्स पर पोस्ट कर उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी है.
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आखिरी वक्त तक थी यह ख्वाहिश
रामगोविंद चौधरी काफी समय से बीमार चल रहे थे और अखिलेश यादव उनका हाल जानने कई बार अस्पताल भी पहुंचे थे. अपनी लंबी बीमारी के बावजूद आखिरी समय तक उनकी बस एक ही इच्छा थी कि चुनाव जीतकर फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बने. वे एक बार फिर अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते थे.
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
बलिया की मिट्टी से निकले इस समाजवादी योद्धा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था. उन्होंने साल 1977 में पहली बार विधानसभा का चुनाव जीता था. इसके बाद उन्होंने 1980, 1985, 1990 और 1991 में लगातार चुनाव में जीत दर्ज की. मुलायम सिंह यादव की सरकार के साथ-साथ अखिलेश सरकार में भी उन्हें मंत्री पद और कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली.
2022 के चुनाव में मिली हार
साल 2012 में वे बांसडीह सीट से विधायक चुने गए थे. इसके बाद 2017 में उन्हें यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई. बलिया में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि वहां बीजेपी को अपनी जगह बनाने में सालों लग गए. हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. इस चुनाव में भाजपा और निषाद पार्टी गठबंधन की प्रत्याशी केतकी सिंह ने उन्हें हराया, जिसके बाद बांसडीह में पहली बार बीजेपी का कमल खिला.
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