यूपी के दिग्गज नेता रामगोविंद चौधरी के निधन से सपा को होगा नुकसान? जानिए है पूरी वजह

यूपी तक

• 03:43 PM • 26 Sep 2026

Ram Govind Chaudhary: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का लखनऊ के SGPGI अस्पताल में निधन हो गया. आठ बार विधायक रहे रामगोविंद चौधरी मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री भी रहे हैं.

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Ram Govind Chaudhary: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने लखनऊ के एसजीपीजीआई अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली. करीब पांच दशक तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाले इस दिग्गज नेता के जाने से समाजवादी पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी भावुक श्रद्धांजलि दी है. रामगोविंद चौधरी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे समाजवादी विचारधारा के एक ऐसे सिपाही थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन संघर्ष और जनसेवा में लगा दिया.

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मुलायम और अखिलेश के थे करीबी

रामगोविंद चौधरी का समाजवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व के साथ बहुत गहरा रिश्ता रहा. वे मुलायम सिंह यादव की सरकार में मंत्री रहे और कई अहम विभागों का काम देखा. इसके बाद अखिलेश यादव की सरकार में भी उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया. जब साल 2017 में समाजवादी पार्टी और परिवार में बिखराव का दौर चल रहा था, तब रामगोविंद चौधरी पूरी मजबूती के साथ अखिलेश यादव के साथ खड़े रहे. इसी भरोसे के कारण सत्ता से बाहर होने पर अखिलेश ने उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया. बीमारी की हालत में अस्पताल के बिस्तर पर भी उनकी यही इच्छा थी कि अखिलेश यादव एक बार फिर मुख्यमंत्री बनें.

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

बलिया में जन्मे रामगोविंद चौधरी ने जयप्रकाश नारायण और चंद्रशेखर जैसे बड़े नेताओं के प्रभाव में अपनी राजनीति शुरू की थी. साल 1972 में वे बलिया के टाउन कॉलेज छात्र संघ के महामंत्री बने थे. आपातकाल के दौरान संघर्ष करते हुए वे जेल भी गए. इसके बाद साल 1977 में वे पहली बार विधायक चुने गए. अपने लंबे राजनीतिक जीवन में वे आठ बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के विधायक रहे. उन्होंने चिलहर और बांसडीह विधानसभा क्षेत्र को अपनी कर्मभूमि बनाया. हालांकि, साल 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

भावुक अखिलेश ने दी अपनी श्रद्धांजलि

अपने वरिष्ठ नेता के निधन पर अखिलेश यादव काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि रामगोविंद जी ने कभी अपनी परवाह नहीं की और हमेशा गरीब, किसान, गांव और कमजोर लोगों के लिए न्याय की आवाज उठाई. बलिया जैसी बागी और आजाद धरती से निकलकर उन्होंने पूरे प्रदेश में अपने संघर्ष से एक अलग पहचान बनाई. सोशल मीडिया पर भी नेता और आम लोग उन्हें याद कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज, वरिष्ठ नेता लाल जी वर्मा और कई समर्थकों ने उनके संघर्ष, सादगी और जनसेवा को याद करते हुए उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि दी है.