सपा के दिग्गज नेता रामगोविंद चौधरी के निधन पर भावुक हुए ओपी राजभर, अपने पुराने साथी को दी श्रद्धांजलि; कही ये बड़ी बात

यूपी तक

• 04:39 PM • 26 Sep 2026

Ram Govind Chaudhary Death: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक रहे रामगोविंद चौधरी का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनके निधन के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है.

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Ram Govind Chaudhary Death: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और आठ बार के विधायक रहे रामगोविंद चौधरी का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने 25 सितंबर की रात लखनऊ के एसजीपीजीआई (SGPGI) अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर से पूरी समाजवादी पार्टी और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है. सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, हर कोई इस दिग्गज नेता को नम आंखों से याद कर रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया है. इसी कड़ी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी अपने पुराने साथी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे.

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ओम प्रकाश राजभर ने दी श्रद्धांजलि

रामगोविंद चौधरी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने गहरा दुख जताया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है. रामगोविंद चौधरी एक ऐसे लोकप्रिय नेता थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक सड़क से लेकर सदन तक हमेशा गरीबों, कमजोरों, पिछड़ों, दलितों और वंचितों की लड़ाई लड़ी. राजभर ने अपनी पार्टी की तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से शोकाकुल परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की. राजनीति में भले ही आज राजभर और अखिलेश यादव के बीच तल्खी हो, लेकिन इस दुख की घड़ी में सभी नेता एक साथ खड़े नजर आए.

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

बलिया की मिट्टी से निकले इस समाजवादी योद्धा का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ था. अपने संघर्ष और जनता के प्रति जुड़ाव के कारण वे आठ बार विधायक चुने गए. साल 2012 में जब अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनी, तब उन्हें मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद साल 2017 में अखिलेश यादव ने रामगोविंद चौधरी पर बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया, जहां वे विपक्ष की मजबूत आवाज बनकर उभरे.

आखिरी सांस तक रही यह ख्वाहिश

रामगोविंद चौधरी काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. शुरुआत में उनका इलाज लखनऊ के मैक्स अस्पताल में चल रहा था, जिसके बाद उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने रात सवा दस बजे दुनिया को अलविदा कह दिया. इतनी लंबी बीमारी के बावजूद उनके मन में बस एक ही आखिरी इच्छा थी कि उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से समाजवादी पार्टी की सरकार बने और अखिलेश यादव दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठें.