Atiq Ahmed son: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद को प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है. इस दौरान कब्रिस्तान में बेहद भावुक और गमगीन माहौल देखने को मिला है. सियासत और अतीक की दहशतगर्दी के परे, जिसने भी अबान के जनाजे की तस्वीरें देखीं, वह भावुक हो गया है. इस मौके पर अतीक के तीनों बेटे उमर, अली और एजम सालों बाद एक साथ नजर आए हैं. अपने सबसे छोटे और लाडले भाई को आखिरी विदाई देते समय तीनों भाई एक-दूसरे के गले लगकर फूट-फूटकर रोने लगे.
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भाई की मौत से टूट गया अली
अबान अपने बड़े भाई अली के बेहद करीब था. वह अली से ही मिलने झांसी जेल जा रहा था, जब सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई. अपने भाई की मिट्टी के पास खड़ा अली बार-बार फूट-फूटकर रो रहा था. ऐसा लग रहा था मानो वह बड़े भाई उमर से पूछ रहा हो कि 'यह सब क्यों हुआ?'
बड़े भाई उमर ने संभाला
इस दर्दनाक मौके पर सबसे बड़े भाई उमर ने एक पिता की तरह अली और एजम दोनों को संभाला. उमर करीब 5 साल से लखनऊ जेल में बंद है, जबकि अली लगभग 4 साल से जेल (पहले नैनी, फिर झांसी) में बंद है. अबान की मौत के बाद कोर्ट की इजाजत से दोनों भाइयों को कड़ी सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया गया था.
खुद को नहीं रोक पाया एजम
अबान की मौत की खबर सुनकर पहले खुद को सख्त दिखाने वाले एजम ने कहा था कि 'अल्लाह का था, अल्लाह ने वापस ले लिया.' लेकिन कब्रिस्तान में जब आखिरी विदाई का वक्त आया, तो एजम भी खुद को रोक नहीं पाया और एक बच्चे की तरह रो पड़ा. इसके बाद तीनों भाइयों ने मिलकर जनाजे को कंधा दिया और कांपते हाथों से अपने छोटे भाई को मिट्टी दी.
बच्चे को गोद में लेकर दुलारा
कब्रिस्तान से एक और बेहद भावुक तस्वीर सामने आई, जिसमें तीनों भाई एक छोटे बच्चे को बारी-बारी से गोद में लेते नजर आए. वे रोते हुए उस बच्चे के सिर पर हाथ फेर रहे थे और उसे दुलार रहे थे. वह बच्चा भी उनके साथ सुबकता हुआ नज़र आया. मानो इन पलों में तीनों भाई अपने सालों की दूरी को मिटाने की कोशिश कर रहे हों.
उमेश पाल हत्याकांड के बाद बिखरा परिवार
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या के बाद से अतीक के परिवार पर जो मुसीबतें टूटनी शुरू हुईं, वे थमने का नाम नहीं ले रही हैं. 13 अप्रैल को बेटे असद का एनकाउंटर हुआ, और 15 अप्रैल को अतीक और उसके भाई अशरफ की पुलिस हिरासत में हत्या कर दी गई. मां शाइस्ता परवीन अब भी फरार है. अबान और एजम करीब 8 महीने तक बाल सुधार गृह में रहे और फिर अपनी बुआ (फूफी) के साथ रह रहे थे. लेकिन गुरुवार को हुए सड़क हादसे ने इस परिवार को एक और बड़ा सदमा दे दिया है.
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