उत्तर प्रदेश के शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र प्रयागराज की सड़कें एक बार फिर प्रतियोगी छात्रों के नारों और आक्रोश से गूंज उठी हैं. मई 2026 में आयोजित हुई लेखपाल भर्ती परीक्षा में व्यापक पैमाने पर कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ 29 मई की शाम सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया. हाथों में तिरंगा, जलती हुई मोमबत्तियां और पोस्टर्स लिए छात्रों ने एक विशाल कैंडल मार्च निकाला. छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. इसलिए इस परीक्षा को तत्काल रद्द कर री-एग्जाम कराया जाए. वहीं दूसरी तरफ शासन और आयोग ने पेपर लीक के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे महज एक अफवाह बताया है.
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मनमोहन पार्क से आजाद पार्क तक उमड़ा छात्रों का हुजूम
प्रतियोगी छात्रों द्वारा आयोजित यह कैंडल मार्च प्रयागराज के मनमोहन पार्क चौराहा से शुरू हुआ जो धीरे-धीरे एक जनसैलाब में तब्दील हो गया. जहां तक नजर जा रही थी, वहां सिर्फ छात्रों की भारी भीड़ ही दिखाई दे रही थी. यह मार्च मनमोहन पार्क से होकर चंद्रशेखर आजाद पार्क तक पहुंचा.
इस दौरान अभ्यर्थियों ने धांधली नहीं चलेगी, री-एग्जाम कराओ और यूपीएसआई का स्कोर कार्ड दो जैसे गगनभेदी नारे लगाए. छात्रों ने इस दिन को मोमबत्ती दिवस के रूप में आयोजित किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो आगे इससे भी बड़ा कदम उठाया जाएगा.
नीट, टेट और यूपीएसआई को लेकर भी फूटा गुस्सा
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन केवल लेखपाल भर्ती तक सीमित नहीं है बल्कि पिछले दो-तीन सालों से राज्य की लगभग हर बड़ी परीक्षा में धांधली और पेपर लीक का एक सत्ता-तंत्रीय गठजोड़ चल रहा है जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. छात्रों ने हाल ही में हुए नीट और टेट पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया.
अभ्यर्थियों ने सरकार के सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'हमने बीपीओ, जूनियर असिस्टेंट जैसी अन्य परीक्षाओं का कभी विरोध नहीं किया, क्योंकि वहां पारदर्शिता थी. लेकिन लेखपाल भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली के सबूत सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं. जब नीट का पेपर आउट होने पर उसे निरस्त किया जा सकता है तो लेखपाल भर्ती को क्यों नहीं? इसके अलावा यूपीएसआई (UPSI) परीक्षा का स्कोर कार्ड क्यों जारी नहीं किया जा रहा है? आखिर छात्रों को उनके अंक बताने में आयोग को क्या तकलीफ है?'
शिक्षकों और छात्रों पर FIR का विरोध
आंदोलनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकार से न्याय की उम्मीद है. हालांकि उन्होंने इस बात पर गहरा दुख और रोष जताया कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने पर पुलिस द्वारा विद्यार्थियों और उनका सहयोग करने वाले शिक्षकों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जो कि सरासर अन्याय है.
छात्रों की मांग है कि लेखपाल भर्ती परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दोबारा पारदर्शी तरीके से आयोजित कराया जाए. यूपीएसआई (UPSI) भर्ती का स्कोर कार्ड तुरंत सार्वजनिक किया जाए. आगामी एसएससी जीडी (SSC GD) समेत हर भर्ती परीक्षा में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए.
'अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई'
एक तरफ जहां छात्र दोबारा परीक्षा की मांग को लेकर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ आयोग और जिला प्रशासन का पक्ष पूरी तरह अलग है. प्रशासनिक अधिकारियों और भर्ती आयोग की मानें तो मई 2026 में हुई लेखपाल भर्ती परीक्षा में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है. प्रशासन का दावा है कि सोशल मीडिया पर चल रहे पेपर लीक के सभी दावे पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं. इस संबंध में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाहें और फर्जी खबरें फैलाने वाले कई शरारती तत्वों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए हैं.
इसके बावजूद, अभ्यर्थियों में आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है. छात्रों का कहना है कि वे मेहनत करके फॉर्म भरते हैं और दिन-रात पढ़ाई करते हैं ऐसे में उन्हें परिणाम भी पूरी निष्पक्षता के साथ चाहिए.
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