Baghpat News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के मुगलपुरा मोहल्ले में बिजली लाइन ठीक करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम के सामने अचानक ऐसा बवाल खड़ा हो गया जिसने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया. मामूली कहासुनी देखते ही देखते मारपीट और पत्थरबाजी में बदल गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग छतों से पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं, जबकि सड़क पर अफरातफरी और हंगामे का माहौल दिखाई दे रहा है. हालांकि इस मामले में बिजली विभाग और पुलिस के दावे अलग-अलग सामने आए हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
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कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
जानकारी के मुताबिक बागपत के मुगलपुरा इलाके में बिजली लाइन में खराबी आने के बाद स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग को सूचना दी थी. शिकायत मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और लाइन दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया. इसी दौरान वहां मौजूद एक परिवार के कुछ लोगों और बिजली कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुरुआत में मामला केवल बहस तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया. आरोप है कि कुछ लोगों ने बिजली कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया. कर्मचारियों के विरोध करने पर मामला और बिगड़ गया और देखते ही देखते इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई.
वायरल वीडियो में दिखी अफरातफरी
घटना के वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ लोग छतों से पत्थर फेंक रहे हैं, जबकि नीचे सड़क पर लोग आमने-सामने खड़े हैं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. अचानक हुई पत्थरबाजी से स्थानीय लोगों में डर और दहशत फैल गई. कई लोग अपने घरों में दुबक गए, जबकि कुछ लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी.सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लेने की कोशिश की. घटना के बाद इलाके में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा.
क्या है बिजली विभाग का दावा?
इस पूरे मामले में विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. विभाग के लाइनमैन ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के तहत बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तत्काल लाइन ठीक करने का निर्देश है. इसी क्रम में रात में बाधित हुई सप्लाई को दुरुस्त करने के लिए टीम मौके पर पहुंची थी.
बिजली विभाग के अनुसार रात में खराबी पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई थी, जिसके बाद सुबह करीब 5 बजे पूरी टीम दोबारा पहुंची और करीब 10 से 12 कर्मचारी लाइन सुधारने में जुटे थे. कर्मचारियों का आरोप है कि जब टीम आखिरी पोल पर पहुंची तो वहां मौजूद एक व्यक्ति ने गाली-गलौज शुरू कर दी और पोल पर चढ़ने वाले कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी. आरोप है कि उसने कर्मचारियों की सीढ़ी भी फेंक दी.
विभाग का कहना है कि विरोध करने पर आसपास के लोगों ने ऊपर से पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कुछ लोग घायल हो गए. कुछ को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. विभाग की ओर से कोतवाली बागपत में शिकायत भी दर्ज कराई गई है.
पुलिस का अलग दावा
वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस का बयान बिजली विभाग के दावों से अलग है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला बिजली कर्मचारियों पर हमले का नहीं बल्कि पारिवारिक विवाद का प्रतीत हो रहा है.
पुलिस के मुताबिक 28 मई 2026 की सुबह करीब 5:45 बजे मुगलपुरा मोहल्ले में सगे मामा-भांजे शकील और आदिल के बीच बिजली का तार लगाने को लेकर विवाद हुआ था. यह झगड़ा बढ़ते-बढ़ते हिंसक रूप ले बैठा और ईंट-पत्थर चलने लगे. पुलिस ने बताया कि मामले में एक आरोपी शकील को हिरासत में लिया गया है और कोतवाली बागपत में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि शुरुआती जांच में बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट या उन पर पथराव की घटना की पुष्टि नहीं हुई है और ऐसे दावे फिलहाल असत्य पाए गए हैं.
वायरल वीडियो को बनाया गया सबूत
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. वायरल वीडियो को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
उधर घटना के बाद इलाके में अब भी तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है. स्थानीय लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बिजली लाइन ठीक करने पहुंचे कर्मचारियों के सामने यह बवाल क्यों हुआ और सच्चाई बिजली विभाग के दावों में है या पुलिस की शुरुआती जांच में.
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