आजम खान के गढ़ में पलटेगा खेल? रामपुर नगर विधानसभा सीट पर सपा और बीजेपी में सीधी टक्कर की तैयारी...

Rampur Nagar Assembly Seat: रामपुर नगर विधानसभा सीट लंबे समय तक समाजवादी पार्टी और आजम खान का मजबूत गढ़ रही है, लेकिन 2022 के उपचुनाव में बीजेपी की जीत के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए. अब यह सीट सपा और बीजेपी के बीच कड़े मुकाबले का केंद्र बन गई है, जहां जातीय और धार्मिक मतदाता चुनाव परिणाम में अहम भूमिका निभाते हैं.

यूपी तक

• 02:34 PM • 24 May 2026

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Rampur Nagar Assembly Seat: रामपुर नगर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश की एक महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील सीट मानी जाती है. यह लंबे समय तक समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ रही है, जहां पूर्व सांसद और नेता आजम खान का करीब चार दशक तक प्रभाव रहा. उन्होंने यहां से 9 बार विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व किया, जिससे इस क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ बनी रही. हालांकि 2022 में आजम खान की सजा और लोकसभा से उनकी भूमिका खत्म होने के बाद इस सीट की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई और नए समीकरण सामने आए.

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2022 के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के आकाश सक्सेना ने जीत दर्ज कर इस सीट पर ऐतिहासिक सफलता हासिल की, जिससे राजनीतिक संतुलन में बड़ा बदलाव देखने को मिला. रामपुर नगर सीट पर मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदायों के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जिसके कारण यह सीट हमेशा से जातीय और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम रही है. आजम खान की अनुपस्थिति ने समाजवादी पार्टी के वोट बैंक पर असर डाला है, वहीं बीजेपी ने अपनी स्थिति मजबूत करने में सफलता पाई है.

आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को मजबूत करने में जुटे हुए हैं. समाजवादी पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उम्मीदवार चयन और संगठन को एकजुट रखना है, क्योंकि आजम खान जेल में होने के कारण सक्रिय भूमिका में नहीं हैं. वहीं बीजेपी विकास कार्यों और मौजूदा पकड़ के आधार पर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही है. बसपा और कांग्रेस का प्रभाव यहां सीमित हो चुका है, इसलिए मुख्य मुकाबला बीजेपी और सपा के बीच ही रहने की संभावना है.

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