हमीरपुर में तूफान के बीच भरभराकर गिरा निर्माणधीन पुल का हिस्सा, इतने लोगों की हो गई मौत

Hamirpur Bridge Collapse: हमीरपुर में तेज आंधी-तूफान के दौरान बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा गिर गया, जिससे कई मजदूर मलबे में दब गए. हादसे में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के फंसे होने की आशंका है.

यूपी तक

29 May 2026 (अपडेटेड: 29 May 2026, 04:11 PM)

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Hamirpur Bridge Collapse News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में देर रात आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचा दी. बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. हादसे के समय पुल पर और उसके आसपास कई मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए. सुबह 8 बजे तक मिली जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में छह लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है.

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तेज तूफान के दौरान टूटा पुल का स्लैब

यह हादसा हमीरपुर जिले में मोरा कांडर और कुरारा इलाके को जोड़ने के लिए बेतवा नदी पर बन रहे पुल पर हुआ. बताया जा रहा है कि देर रात मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया. इसी दौरान निर्माणाधीन पुल की भारी स्लैब टूटकर नीचे गिर गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में भी पुल निर्माण का काम जारी था और कुछ मजदूर ऊपर काम कर रहे थे. तेज तूफान के कारण पुल का सेगमेंट टूट गया और आसपास बनी कोठियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं. हादसे में पुल की सुरक्षा में तैनात दो गार्डों की भी दबकर मौत हो गई, जबकि कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.

रात 2 बजे मिली सूचना

घटना के तुरंत बाद इलाके में हड़कंप मच गया. स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया. अधिकारियों के अनुसार रात करीब 2 बजे हादसे की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई. मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग पिलरों में फंसे हुए हैं, जबकि कई मजदूर अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं.

पांच से छह मौतों की पुष्टि, जांच के आदेश

प्रशासन की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में पांच से छह लोगों की मौत हुई है और कई शवों की पहचान की जा चुकी है. अधिकारियों का कहना है कि स्लैब हटाने का काम जारी है, जिसके बाद बाकी लोगों को बाहर निकाला जाएगा. इस हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि राहत और बचाव अभियान अभी लगातार जारी है.

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