शारदा नदी के किनारे खून से लथपथ मिला परदेसी बाबा का शव, फिर सामने आई नागेंद्र की होश उड़ा देने वाली कहानी

Sitapur Murder Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में ‘परदेसी बाबा’ उर्फ सत्यनारायण यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. शारदा नदी किनारे मिले लहूलुहान शव के पीछे 17-18 साल पुराने तंत्र-मंत्र और शक का एंगल सामने आया है. पुलिस ने नागेंद्र नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया है.

यूपी तक

• 03:45 PM • 29 May 2026

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Sitapur Murder Case: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में हुई एक सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. शारदा नदी किनारे लहूलुहान हालत में मिले सत्यनारायण यादव उर्फ ‘परदेसी बाबा’ की हत्या के पीछे अंधविश्वास, शक और वर्षों से पल रहा गुस्सा सामने आया है. यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि उस मानसिक तनाव और भय की कहानी बनकर सामने आया है जिसने एक युवक को इतना आक्रोशित कर दिया कि उसने हत्या जैसी खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला. हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच और पूछताछ के सामने आखिरकार उसका सच सामने आ गया.

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शारदा नदी किनारे मिला था लहूलुहान शव

सीतापुर की एक रात उस वक्त सनसनी में बदल गई जब शारदा नदी के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का खून से लथपथ शव मिला. घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआती जांच में कातिल का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल सका. शव के पास खून के निशान तो थे, लेकिन पहचान से जुड़े अहम सबूत गायब थे.

जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पहचान 52 वर्षीय सत्यनारायण यादव उर्फ परदेसी बाबा पुत्र अमरनाथ निवासी नजर नगर, अलियाबाद के रूप में की. परदेसी बाबा इलाके में झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र से जुड़े व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे. गांव में उन्हें मानने वाले लोग भी थे, तो कई लोग उनसे दूरी भी बनाकर रखते थे.

मोबाइल, कपड़े और पहचान के सबूत तक किए गए गायब

पुलिस को घटनास्थल से यह साफ संकेत मिले कि हत्या को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है. बाबा का मोबाइल फोन गायब था, उनके कपड़े नहीं मिले और पहचान से जुड़े कई अहम सामान भी लापता थे. ऐसा लग रहा था कि हत्यारे ने हत्या के बाद सबूत मिटाने की पूरी तैयारी पहले से कर रखी थी.

इसके बाद पुलिस ने मृतक के पुराने विवादों और संपर्कों की जांच शुरू की. सर्विलांस टीम, एसओजी और स्थानीय पुलिस को मामले की जांच में लगाया गया. इसी दौरान जांच एक युवक नागेंद्र तक पहुंची.

17-18 साल पुराने रिश्ते और शक से जन्मा विवाद

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि नागेंद्र की मां पिछले करीब 17 से 18 वर्षों से परदेसी बाबा के संपर्क में थी. बाबा कथित तौर पर महिला की झाड़-फूंक किया करते थे. नागेंद्र को लंबे समय से शक था कि बाबा ने उसकी मां को किसी तांत्रिक प्रभाव या जाल में फंसा रखा है.

बताया गया कि नागेंद्र ने कई बार अपनी मां को समझाने की कोशिश की, लेकिन हर बार बाबा का नाम बीच में आ जाता था. करीब छह महीने पहले नागेंद्र और परदेसी बाबा के बीच सीधी बहस भी हुई थी. उस समय विवाद बढ़ा और नागेंद्र के मन में बाबा के प्रति गुस्सा और संदेह और गहरा हो गया.

पुलिस के अनुसार, नागेंद्र को यह भी लगता था कि इतने वर्षों से झाड़-फूंक के बावजूद उसकी मां की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा था. इसी बात को लेकर उसके मन में लगातार आक्रोश बढ़ता गया.

12 मई की रात ऐसे रची गई हत्या की साजिश

जांच में खुलासा हुआ कि 12 मई की रात नागेंद्र ने परदेसी बाबा को बहाने से सुनसान इलाके में बुलाया. अंधेरा गहरा था और आसपास कोई मौजूद नहीं था. आरोप है कि दोनों के बीच फिर बहस हुई और इसी दौरान नागेंद्र ने धारदार हथियार निकाल लिया.

बताया जा रहा है कि गुस्से में नागेंद्र ने बाबा पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए साजिश के अगले हिस्से पर काम शुरू कर दिया.

सबूत मिटाने के लिए जला दिए कपड़े और आधार कार्ड

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद नागेंद्र ने परदेसी बाबा का आधार कार्ड, पर्स और अन्य सामान जला दिया ताकि पहचान और सबूत मिटाए जा सकें. इतना ही नहीं, उसने वारदात के दौरान पहने अपने कपड़े भी आग में झोंक दिए.

इसके बाद वह बाबा का मोबाइल फोन लेकर शारदा नदी की ओर गया और रात के अंधेरे में मोबाइल नदी में फेंक दिया, ताकि पुलिस तक कोई तकनीकी सबूत न पहुंच सके. आरोपी को भरोसा था कि इस तरह हत्या का सच हमेशा के लिए दब जाएगा.

तकनीकी जांच और पूछताछ से खुला राज

हालांकि, अपराध चाहे कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए, कोई न कोई गलती अक्सर पीछे छूट ही जाती है. पुलिस ने तकनीकी जांच, सर्विलांस और पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया. पहले नागेंद्र पूछताछ में चुप रहा, लेकिन सबूत सामने आने पर वह टूट गया और उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली.

पुलिस ने आरोपी नागेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया आला कत्ल यानी चाकू भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने आरोपी को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

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