Jalaun News: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में मानवता और कानून व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. यहां एक दलित मजदूर बुद्ध सिंह और उनकी पत्नी जयकांति के साथ सिर्फ इसलिए बर्बरता की गई क्योंकि वे अपनी मेहनत की कमाई मांगने दबंगों के दरवाजे पर गए थे. खेतों में काम करने के बाद जब यह पीड़ित दंपति अपने बकाया पैसे मांगने गया, तो दबंगों ने पैसे देने के बजाय उन्हें लाठियों और डंडों से बेरहमी से पीट दिया.
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घर में बंद कर बरसाईं लाठियां, दीं जातिसूचक गालियां
पीड़ित परिवार के अनुसार, दबंगों ने सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए उन्हें पहले जबरन एक घर के अंदर बंद कर दिया. इसके बाद उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और फिर उन पर लाठियों-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया गया. चीख-पुकार मचाने के बावजूद दबंगों का दिल नहीं पसीजा और वे दंपति को बेरहमी से पीटते रहे.
लापरवाह पुलिस ने हल्की धाराओं में दर्ज किया केस
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका भी बेहद संदेहास्पद और निराशाजनक रही. घटना के बाद जब लहूलुहान पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचा, तो पुलिस ने दबंगों के प्रभाव और राजनीतिक दबाव में आकर कार्रवाई में ढिलाई बरती. आरोप है कि पुलिस ने पीड़ितों की मूल शिकायत को बदलकर अपनी मर्जी से एक हल्का प्रार्थना पत्र तैयार किया और बेहद कमजोर व हल्की धाराओं में मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर दी.
एक्शन में आए आला अधिकारी, 2 पुलिस अफसर सस्पेंड
जब यह मामला मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए आला अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो विभाग में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता और शुरुआती जांच में पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने के बाद प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है. इस कांड में लापरवाही बरतने के आरोप में 2 पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है.
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