उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया. इंदिरा नगर में आयोजित 'सावन महोत्सव' मेले में झूला झूलते समय अचानक झूले की बकेट (ट्रॉली) टूटकर गिर गई जिससे झूले पर बैठे लोगों में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई. इस भीषण हादसे में तीन सगे भाई-बहनों समेत कुल पांच लोग घायल हो गए. आनन-फानन में सभी घायलों को पास के सुषमा अस्पताल ले जाया गया जहां दो लड़कियों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है.
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रोमांच के बीच अचानक टूटी बकेट
विभूतिखंड की रहने वाली 14 साल की अंकिता सिंह 18 अगस्त की शाम करीब 7:30 बजे अपने भाई सूर्य सिंह, बहन नसी और दोस्तों के साथ इंदिरा नगर स्थित सावन महोत्सव मेला देखने गई थी. सभी लोग झूले का आनंद ले रहे थे और वीडियो बना रहे थे.
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और अंकिता के भाई सूर्य सिंह ने बताया कि 'जैसे ही झूला ऊंचाई पर पहुंचा, अचानक ऊपर लगी एक बकेट टूटकर सीधे अंकिता के चेहरे पर आ गिरी. टक्कर इतनी तेज थी कि अंकिता वहीं लहूलुहान हो गई.'
ऑपरेटर की लापरवाही
हादसे के तुरंत बाद परिजनों और सहयात्रियों ने झूला रोकने के लिए ऑपरेटर से गुहार लगाई. लेकिन उसने लापरवाही बरतते हुए तुरंत झूला बंद नहीं किया. घूमते झूले के टूटे हिस्से से टकराकर नसी, सूर्य और पास बैठी निशा कुमारी भी चोटिल हो गए. नीचे मौजूद भीड़ और परिजनों के भारी हंगामे के बाद आखिरकार झूला रोका गया और घायलों को नीचे उतारा गया.
मेला संचालक फरार, दो बच्चियों की हालत गंभीर
हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों ने मेला संचालक को मौके पर पकड़ लिया था. लेकिन वह चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा. घायलों को तुरंत सुषमा अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया.
अस्पताल के सीईओ अर्पित सिंघल के अनुसार, कुल 5 घायलों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से 3 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई. अंकिता और निशा का इलाज अस्पताल में चल रहा है. डॉक्टरों ने बताया कि एक लड़की को चेहरे और शरीर में मल्टीपल फ्रैक्चर हुए हैं, जबकि दूसरी की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है.
पुलिस जांच और उठते गंभीर सवाल
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस प्रशासन के अनुसार, शुरुआती जांच में पाया गया कि झूले की एक लोहे की रॉड ऊपर से नीचे गिर गई थी जिससे दो लड़कियां गंभीर रूप से घायल हुईं. फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और पुलिस जांच कर रही है.
हालांकि इस हादसे ने मेलों में लगने वाले भारी-भरकम झूलों की सुरक्षा और मानक जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. महज चंद रुपयों के मुनाफे और ऑपरेटरों की लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है.
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