नोएडा एयरपोर्ट पर पहली तेज बारिश ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल! पार्किंग और रास्तों में भरा पानी

यूपी तक

• 01:25 PM • 12 Aug 2026

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली तेज बारिश ने एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बारिश के बाद एयरपोर्ट के पार्किंग एरिया में पानी भर गया. वहीं, टर्मिनल तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी जलभराव देखने को मिला.

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Noida International Airport News: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली तेज बारिश ने एयरपोर्ट की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बारिश के बाद एयरपोर्ट के पार्किंग एरिया में पानी भर गया. वहीं, टर्मिनल तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी जलभराव देखने को मिला. हाईटेक सुविधाओं से तैयार किए गए इस एयरपोर्ट पर पहली ही भारी बारिश में पानी भरने की तस्वीरों ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है. दरअसल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली-एनसीआर में हवाई कनेक्टिविटी के बड़े केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है. ऐसे में यहां आधुनिक और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम होने की उम्मीद की गई थी. लेकिन तेज बारिश के बाद सामने आए जलभराव ने इस व्यवस्था की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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30 मिनट में निकाला गया पानी

एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक, बारिश के बाद कुछ हिस्सों में पानी जमा हुआ था, जिसे करीब 30 मिनट के भीतर निकाल दिया गया. एयरपोर्ट के कर्मचारी लगातार जल निकासी के काम में जुटे रहे. प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि जलभराव की वजह से उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा. हालांकि, सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रहे एक आधुनिक एयरपोर्ट परिसर में पहली ही तेज बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति क्यों बनी? अगर सामान्य मानसूनी बारिश में पार्किंग और टर्मिनल तक पहुंचने वाले रास्तों पर पानी जमा होता है, तो भविष्य में ज्यादा बारिश होने पर स्थिति कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है?

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पर सवाल

एयरपोर्ट पर जलभराव केवल रखरखाव का मुद्दा नहीं है, बल्कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ा है. पार्किंग एरिया और टर्मिनल तक पहुंचने वाले रास्तों पर पानी जमा होने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है. ऐसे में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता और मानसून के दौरान उसकी तैयारी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. आने वाले दिनों में एयरपोर्ट प्रबंधन को इस समस्या की समीक्षा कर जरूरी सुधार करने की जरूरत होगी, ताकि भारी बारिश के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.