महज 20 दिन में पांच बार सड़क की मरम्मत हुई है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है. ₹4,200 करोड़ की लागत से बनी इस एक्सप्रेसवे में सतह की कमजोर गुणवत्ता और निर्माण में लापरवाहियां सामने आई हैं. तकनीकी जांच में सड़कों की ऊपरी डामर पर समस्या पाई गई है.
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उन्नाव के कोरारी टोल प्लाजा के पास सड़क की सतह धंस गई और दरारें आईं जो ठीक वही जगह थी जहां 26 जुलाई को भी मरम्मत की गई थी. नहाई ने तीन अधिकारियों को प्रोजेक्ट से हटाकर दो वर्षों के लिए काम पर प्रतिबंधित किया है. मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
इस बार बार मरम्मत की वजह से एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित है और यात्रियों को सिंगल लेन पर चलना पड़ रहा है. मरम्मत के लिए रोड के 3 किलोमीटर लंबे हिस्से को बंद किया गया है. एक्सप्रेसवे पर काम की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.
नहाई का कहना है कि मरम्मत प्रिवेंटिव मेजर है और निर्माण एजेंसी फ्री ओफ कॉस्ट रिपेयर करेगी. इसके बावजूद जनता के पैसे से बने इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर भारी लापरवाही की आशंका है. अब देखना होगा जांच रिपोर्ट में क्या सच निकलकर सामने आता है.
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