Mayawati Statement On Independence Day: आज पूरा देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शान से तिरंगा फहराया है और पूरे देश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी आजादी का जश्न धूमधाम से मनाया जा रहा है. हर तरफ शुभकामनाओं का दौर चल रहा है. इन सबके बीच बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की चीफ मायावती का स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया बधाई संदेश काफी चर्चा में है. मायावती ने आजादी की बधाई देने के साथ ही सत्ता और उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को उनके दायित्वों को लेकर एक बड़ी नसीहत भी दे डाली है.
ADVERTISEMENT
मायावती ने दी आजादी की शुभकामनाएं
बीएसपी चीफ मायावती ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करते हुए देशवासियों को आजादी की बधाई दी है. उन्होंने लिखा, "देश व दुनिया भर में रहने वाले समस्त भारतीय नागरिकों और उनके परिवार वालों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं. आजादी के इस दिन को सभी लोग जितने भी हर्षोल्लास, आपसी भाईचारे और मेलजोल के साथ मनाएं, वह कम ही होगा."
उच्च पदों पर बैठे लोगों को दी नसीहत
बधाई देने के साथ ही मायावती का संदेश एक बड़े सियासी तंज में भी बदल गया है. उन्होंने आगे लिखा, "उच्च संवैधानिक व कानूनी ओहदों (पदों) पर बैठे लोग अपने दायित्वों के प्रति ज्यादा सचेत रहें तो बेहतर होगा. क्योंकि अब जनता उनसे देश और जनहित के प्रति सही और सच्चे उत्तरदायित्व की अपेक्षा ज्यादा करने लगी है."
संविधान के 'चेक एंड बैलेंस' की याद
अपनी पोस्ट में मायावती ने संविधान के 'चेक एंड बैलेंस' (नियंत्रण और संतुलन) का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ऐसे खास मौकों पर लोग उम्मीद करते हैं कि देश की उच्च संस्थाएं संविधान के 'चेक एंड बैलेंस' के उद्देश्य और जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी व निष्ठा से निभाएंगी. मायावती ने कहा कि ऐसा होने पर ही भारत के गणतंत्र होने का असली लाभ सर्व समाज को मिल पाएगा.
दलितों, पिछड़ों और युवाओं की उठाई बात
मायावती ने अपने संदेश के जरिए दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिमों, अल्पसंख्यकों, किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं के हकों की बात उठाई है. उन्होंने कहा कि इन सभी लोगों को बेरोजगारी और भ्रष्टाचार मुक्त खुशहाल जिंदगी मिलनी चाहिए, तभी हमारा लोकतंत्र और पवित्र संविधान सार्थक सिद्ध होगा. मायावती ने इसे ही आज के दिन का असली संदेश बताया.
मायावती के इस संदेश के सियासी मायने
मायावती का यह संदेश ऐसे वक्त पर आया है जब यूपी में सभी राजनीतिक दल 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं. इस पोस्ट के जरिए मायावती ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को उठाकर अपनी राजनीतिक पकड़ (खासकर दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के बीच) मजबूत करने की कोशिश की है. मायावती के साथ-साथ अखिलेश यादव ने भी पोस्ट कर स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है और सियासी संदेश देने की कोशिश की है.
ADVERTISEMENT










