समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में काले धन के इस्तेमाल (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी की दिल्ली और लखनऊ की संयुक्त टीमों ने सुबह-सुबह रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी समेत रामपुर, दिल्ली और सहारनपुर में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी. विश्वविद्यालय परिसर के बाहर यूपी पुलिस और भीतर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF और CISF) के जवान तैनात कर दिए गए हैं जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है.
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जौहर यूनिवर्सिटी बनी केंद्र, चेकिंग के बाद मिल रही एंट्री
सुबह करीब 7 बजे ईडी की गाड़ियों का काफिला सीधे जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचा. छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
सख्त चेकिंग: यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार पर आने-जाने वाले छात्रों और कर्मचारियों की गहन चेकिंग की जा रही है.
मोबाइल जब्त: परिसर में प्रवेश करने वाले सभी विद्यार्थियों और स्टाफ के मोबाइल फोन गेट पर बने काउंटर पर जमा कराए जा रहे हैं.
अकाउंट्स सेक्शन पर फोकस: ईडी की टीम यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन और अकाउंट्स डिपार्टमेंट में मौजूद दस्तावेजों, खातों और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी फाइलों को खंगाल रही है.
काले धन के इस्तेमाल और आपराधिक ब्योरे पर एक्शन
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण और उसके संचालन में अवैध धन के इस्तेमाल से जुड़ी शिकायतों पर की गई है. इससे पहले ईडी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से आजम खान के खिलाफ दर्ज दर्जनों आपराधिक मामलों और मुकदमों का ब्योरा मांगा था. वांछित दस्तावेज और विवरण न मिलने के बाद ईडी की टीमों ने खुद मौके पर पहुंचकर जमीनी पड़ताल और रिकॉर्ड खंगालने का फैसला किया. इससे पहले 2023 में भी इनकम टैक्स (आयकर विभाग) ने आजम खान के ठिकानों पर छापेमारी कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे.
शिवपाल यादव का बयान और राजनीतिक गरमाहट
ईडी की इस ताजा कार्रवाई से ठीक कुछ दिन पहले ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक शिवपाल सिंह यादव रामपुर पहुंचे थे. उन्होंने रामपुर जिला जेल में बंद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से मुलाकात की थी. इसके बाद आजम खान के परिवार और जौहर यूनिवर्सिटी का दौरा करते हुए शिवपाल यादव ने बड़ा बयान दिया था.
उन्होंने कहा था कि "भाजपा सरकार ने आजम खान और उनके परिवार पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाकर अत्याचार किया है. 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा और उनका उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी." हालांकि शिवपाल यादव के इस राजनीतिक बयान के तुरंत बाद ईडी की इस बड़ी कार्रवाई से प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया है.
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