Pratapgarh News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में आपूर्ति विभाग के एक संविदा कर्मी की संदिग्ध हालत में मौत के बाद इलाके में भारी तनाव फैला हुआ है. घटना के 40 घंटे बीत जाने के बाद भी परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है. परिवार न्याय, मुआवजे और आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहा है. हालात बिगड़ते देख मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है.
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क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना प्रतापगढ़ जिले के लीलापुर थाना क्षेत्र के ब्लॉक के पास स्थित सिंधर गांव की है. सौरभ उर्फ मोनू विश्वकर्मा आपूर्ति विभाग में संविदा कर्मी के पद पर तैनात थे. परिजनों का आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ दबंगों ने सौरभ के साथ बेरहमी से मारपीट की थी. गंभीर रूप से घायल सौरभ को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी मौत हो गई. इस घटना के बाद से ही गांव और इलाके में कोहराम मचा हुआ है.
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है. पुलिस ने छह नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी दरोगा तिवारी समेत तीन लोगों (दरोगा तिवारी, सौरभ तिवारी और मिट्टू उपाध्याय) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी बरामद कर ली गई है. बाकी आरोपियों की तलाश तेजी से की जा रही है.
परिजनों की प्रमुख मांगें
40 घंटे बीत जाने के बाद भी शव का अंतिम संस्कार न होने की सबसे बड़ी वजह परिजनों की मांगें हैं. पीड़ित परिवार ने मांग की है.
लीलापुर थानाध्यक्ष को तुरंत निलंबित (सस्पेंड) किया जाए.
परिवार को आर्थिक मुआवजा दिया जाए.
सुरक्षा के लिए सस्ते में शस्त्र (हथियार) लाइसेंस दिया जाए.
सभी आरोपियों के घरों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए.
नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस
मौके पर हालात तब और ज्यादा बिगड़ गए जब वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों (नेताओं) और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. इस बहस का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग एक-दूसरे से तीखी बहस करते नजर आ रहे हैं.
भारी पुलिस फोर्स और PAC तैनात
कानून व्यवस्था बनाए रखने और हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है. मौके पर एडिशनल डीसीपी (ADCP) भारी पुलिस बल के साथ कैंप कर रहे हैं. गांव में पीएसी (PAC) की दो बटालियन, प्रिजन वैन (कैदियों वाली गाड़ी) और कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है. पुलिस का साफ कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों का भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है.
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