'क्या यूपी सरकार में ब्राह्मण होना गुनाह है...', विधायक सरिता भदौरिया के कथित वायरल वीडियो पर सपा ने भाजपा सरकार पर लगाया आरोप

यूपी तक

• 01:45 PM • 14 Aug 2026

BJP MLA Sarita Bhadauria Viral Video: इटावा में बीजेपी विधायक सरिता भदौरिया का कथित वीडियो वायरल होने के बाद सियासी विवाद बढ़ गया है. सपा ने विधायक पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. जबकि सरिता भदौरिया ने इसे एक गहरी साजिश बताया है.

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BJP MLA Sarita Bhadauria Viral Video: उत्तर प्रदेश के इटावा से एक बड़ा सियासी विवाद सामने आया है. इटावा सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधायक सरिता भदौरिया का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में विधायक अपनी गाड़ी में बैठी हैं और कुछ लोगों पर भड़कते हुए अभद्र (गाली) भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं. यह मामला अब तूल पकड़ चुका है और समाजवादी पार्टी (सपा) ने इस वीडियो के जरिए बीजेपी को ब्राह्मण पॉलिटिक्स के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है.

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सपा नेता का आरोप- विकास और मूर्ति की मांग पर मिली गाली

समाजवादी पार्टी के नेता ऋषु चौधरी का दावा है कि वह गांव के लोगों के साथ विधायक सरिता भदौरिया को एक ज्ञापन सौंपने गए थे. इस ज्ञापन में गांव में विकास कार्यों और भगवान परशुराम की मूर्ति लगाने की मांग की गई थी. ऋषु का आरोप है कि लेटर पैड देखते ही विधायक भड़क गईं, उन्होंने अभद्र भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया. ऋषु चौधरी ने यह भी दावा किया है कि रात 12:30 बजे उनके घर पर 8-9 गाड़ियों में पुलिस भेजी गई और उन पर फर्जी एससी-एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज करा दिया गया. ऋषु ने सवाल उठाया कि, 'क्या यूपी सरकार में ब्राह्मण होना गुनाह है?'

विधायक सरिता भदौरिया का पलटवार

वीडियो वायरल होने और सपा के आरोपों के बाद विधायक सरिता भदौरिया ने भी अपना पक्ष रखा है. उन्होंने सपा के सभी दावों को झूठा बताते हुए इसे अपने खिलाफ एक बड़ी साजिश करार दिया है. सरिता भदौरिया ने कहा, 'इन लोगों ने बिना किसी पूर्व सूचना के मेरी गाड़ी को घेर लिया और सपा के लेटर पैड पर जबरन हस्ताक्षर कराने की कोशिश की. मेरे साथ बदतमीजी की गई.' विधायक का आरोप है कि सपा के लोग एक महिला विधायक होने के नाते उन्हें जानबूझकर परेशान और प्रताड़ित कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि वहां मौजूद एक युवक के साथ मारपीट भी की गई, जिसका वीडियो नहीं दिखाया जा रहा है.

सपा ने दी बड़ी लड़ाई लड़ने की चेतावनी

इस मामले पर सपा के प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कोई भी विधायक एक संवैधानिक पद पर होता है और किसी भी दल का व्यक्ति अपनी समस्या लेकर उनके पास जा सकता है. सपा का लेटर पैड होना कोई गुनाह नहीं है. गोपाल यादव ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि बच्चों को फंसाने के लिए यह मनगढ़ंत और झूठा मुकदमा लिखा गया है. उन्होंने कहा कि अगर विधायक के पास कोई सबूत है, तो वहां के सीसीटीवी फुटेज दिखाएं. सपा ने इस मामले में आगे बड़ी लड़ाई लड़ने की बात कही है.

कौन हैं सरिता भदौरिया?

सरिता भदौरिया कभी एक आम महिला थीं. लेकिन उनके पति अभय वीर सिंह भदौरिया (जो उस वक्त जिला कांग्रेस महासचिव थे) की हत्या के बाद सरिता ने राजनीति में कदम रखा. उन्होंने 1999 में कांग्रेस के टिकट पर इटावा लोकसभा चुनाव लड़ा. इसके बाद वह बीजेपी में शामिल हो गईं. 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर इटावा सदर सीट से लगातार दो बार जीत दर्ज की. अब वह 2027 में हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं, लेकिन चुनाव से पहले इस विवाद ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं.