उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में दूल्हा आजाद बिंद की दिनदहाड़े हत्या की वारदात लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है. इस सनसनीखेज हत्याकांड पर एक्शन लेते हुए जौनपुर पुलिस ने बीती देर रात एक बड़ी मुठभेड़ में मुख्य आरोपी रवि यादव को मार गिराया है. हालांकि, इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस के एक इंस्पेक्टर को भी गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एनकाउंटर के दौरान रवि का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
ADVERTISEMENT
क्या था पूरा मामला? बारात जाते वक्त कार पर बरसाई थीं गोलियां
पूरी घटना 1 मई की है. सरायख्वाजा क्षेत्र के बौर गांव के रहने वाले आजाद बिंद की शादी तय हुई थी. आजाद बड़ी ही खुशियों के साथ अपनी बारात लेकर बीबीपुर गांव जा रहे थे. बारात अभी खेतासराय इलाके में ही पहुंची थी कि तभी घात लगाकर बैठे बदमाशों ने दूल्हे की कार को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी. गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरी बारात में चीख-पुकार मच गई. गंभीर रूप से घायल दूल्हे आजाद बिंद को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
शादी से नाराजगी और धमकी की खौफनाक साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच में जो सच सामने आया है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा है. यह पूरी वारदात शादी से नाराज लड़की के रिश्तेदारों द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी. आरोपी प्रदीप बिंद इस शादी से बेहद नाराज था और उसने शादी से ठीक पहले दूल्हे आजाद बिंद को जान से मारने की धमकी भी दी थी. इस धमकी के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया था और आखिरकार शादी के दिन ही इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया गया.
आरोपियों पर था ₹1 लाख का इनाम, दो अब भी फरार
दूल्हे की बेरहमी से हत्या करने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चक्रव्यूह रचा था. वारदात में शामिल मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद, रवि यादव और भोले राजभर पर पुलिस प्रशासन की तरफ से ₹100000 (एक लाख रुपये) का भारी-भरकम इनाम घोषित किया गया था. देर रात हुई मुठभेड़ में एक लाख का इनामी रवि यादव तो मारा गया, लेकिन प्रदीप बिंद और भोले राजभर समेत दो आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं.
पुलिस की कार्रवाई जारी
शादी की खुशियों को मातम में तब्दील करने वाली इस दर्दनाक घटना को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है. पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि बाकी बचे फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं ताकि दोषियों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके.
ADVERTISEMENT









