Varanasi News: काशी के प्रसिद्ध और आध्यात्मिक माहौल के लिए जाने जाने वाले नमो घाट पर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे वाराणसी को झकझोर कर रख दिया है. बताया जा रहा है कि सोनभद्र जिले के रायपुर थाना क्षेत्र के पडली गांव का रहने वाला राजेश उर्फ चिंटू जायसवाल अपने चार दोस्तों के साथ वाराणसी घूमने आया था. सभी युवक तड़के करीब 3 बजे नमो घाट पहुंचे थे, लेकिन यहीं से विवाद की शुरुआत हो गई.
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एंट्री को लेकर विवाद और कहासुनी ने लिया हिंसक रूप
गेट नंबर-2 पर एंट्री को लेकर युवकों की प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स से कहासुनी हो गई. शुरुआत में यह विवाद गाली-गलौज और बहस तक सीमित रहा, लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया. आरोप है कि सिक्योरिटी गार्ड्स ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया, जिसके बाद दर्जनों लोगों ने मिलकर युवकों पर हमला कर दिया.
इस दौरान लाठी, डंडे, हॉकी और रॉड जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया. अचानक हुए इस हमले से चार युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले, लेकिन राजेश उर्फ चिंटू वहीं गिर पड़ा.
बेरहम पिटाई में युवक की मौत
आरोप है कि जमीन पर गिरने के बाद भी युवक पर लगातार हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई. बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस हमले में चार अन्य युवक भी घायल हुए हैं.
घटना के बाद मृतक के दोस्तों ने पूरी घटना की भयावह कहानी बयां की. उनका कहना है कि मामूली कहासुनी के बाद अचानक दर्जनों लोग आए और बिना किसी वजह के उन पर हमला कर दिया गया. उन्होंने बताया कि हमले में डंडे, रॉड और बेल्ट का इस्तेमाल किया गया.
दोस्तों ने बताई आंखों देखी खौफनाक कहानी
मृतक के दोस्तों ने बताया कि पहले गार्ड ने उन्हें घाट से वापस जाने को कहा, जिसके बाद हल्की बहस हुई. इसके बाद धमकी दी गई कि दो मिनट रुक जाओ, फिर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. कुछ देर बाद ही करीब 8 से 10 लोग हथियारों के साथ आए और हमला कर दिया.
पीड़ित दोस्तों का कहना है कि उन्हें बुरी तरह पीटा गया और कुछ देर की मारपीट के बाद सभी घायल हो गए. उन्होंने बताया कि राजेश गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और बाद में उसकी मौत हो गई.
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. शिकायत के आधार पर चार हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि नमो घाट का संचालन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक प्राइवेट कंपनी द्वारा किया जाता है, और यहां सुरक्षा की जिम्मेदारी भी प्राइवेट गार्ड्स और बाउंसर्स के पास है. इससे पहले भी इस घाट पर सिक्योरिटी गार्ड्स और आम लोगों के बीच विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
इस घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटक वास्तव में सुरक्षित हैं, और क्या प्राइवेट सुरक्षा व्यवस्था पर नियंत्रण और निगरानी की जरूरत है.
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