UP Lekhpal Bharti Controversy: उत्तर प्रदेश में हाल ही में आयोजित लेखपाल भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार विवाद देखने को मिल रहा है. परीक्षा समाप्त होने के बाद कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें अलग-अलग केंद्रों पर अनियमितताओं के दावे किए जा रहे हैं. इन दावों के चलते न सिर्फ अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति बनी, बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी मामला गरमा गया.
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अलग-अलग केंद्रों से वायरल हुए वीडियो
लखनऊ, देवरिया और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों के परीक्षा केंद्रों से कई वीडियो सामने आए, जिनमें यह दावा किया गया कि कुछ अभ्यर्थी परीक्षा समय समाप्त होने के काफी देर बाद केंद्रों से बाहर निकल रहे थे. वहीं एक वायरल वीडियो में यह भी आरोप लगाया गया कि एक पुलिसकर्मी परीक्षा देते समय मोबाइल फोन के साथ मौजूद था और उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इन घटनाओं ने सोशल मीडिया पर परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए और मामला तेजी से वायरल हो गया.
प्रशासन का पक्ष और जांच रिपोर्ट
विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई. अधिकारियों ने कहा कि सभी आरोपों की जांच की गई है और संबंधित परीक्षा केंद्रों के CCTV फुटेज भी खंगाले गए हैं. जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई.
प्रशासन ने इसे पूरी तरह भ्रामक और असत्य बताते हुए कहा कि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई. अधिकारियों के अनुसार, कुछ शरारती तत्वों द्वारा गलत सूचना फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई.
कॉलेज प्रशासन की शिकायत भी सामने आई
इस पूरे मामले में संबंधित कॉलेज के प्रधानाचार्य ने भी पुलिस को शिकायत दी है, जिसमें कहा गया है कि उनके संस्थान को बदनाम करने के उद्देश्य से झूठे आरोप फैलाए जा रहे हैं. उन्होंने कार्रवाई की मांग की है.
हालांकि प्रशासन ने आरोपों को खारिज कर दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर उठे सवाल पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं. वायरल वीडियो और आधिकारिक जांच के बीच विरोधाभास को लेकर चर्चा जारी है. अब यह मामला लोगों के बीच बहस का विषय बना हुआ है कि सच्चाई आखिर क्या है.
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