संसद के पटल पर पेपर लीक और युवाओं के भविष्य को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली. पूर्व केंद्रीय मंत्री व बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग आज सड़कों पर उतरकर आंदोलन की बात कर रहे हैं, उन्होंने खुद अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश को 'नकल प्रदेश' और 'पेपर लीक प्रदेश' बना दिया था. मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल और अखिलेश की स्थिति खुद मियां फजीहत, दूसरों को नसीहत जैसी है. इस दौरान सपा सांसद आनंद भदौरिया समेत विपक्षी नेताओं के हंगामे और तीखी टोका-टोकी के बीच बीजेपी सांसद ने पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान हुए आधा दर्जन से अधिक पेपर लीक और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की विवादित भर्तियों का ब्यौरा सदन में रखा.
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'हर लीक के पीछे सपाई माइंड था'
सदन में चर्चा के दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह की सरकार थी और राजनाथ सिंह शिक्षा मंत्री थे, तब राज्य में बेहतर शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने के लिए कड़ा 'एंटी-चीटिंग लॉ' (नकल विरोधी कानून) लाया गया था. लेकिन बाद में सत्ता में आई समाजवादी पार्टी ने इस कानून को ढीला कर दिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव का रुख हमेशा से ऐसा रहा कि 'थोड़ी-बहुत नकल तो चलती है'. अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि सपा शासन में मेधावी और ईमानदार छात्रों का हक मारकर बेईमानों को आगे बढ़ाया गया.
अनुराग ठाकुर ने गिनाई सपा कार्यकाल की पेपर लीक रिपोर्ट
सदन में हंगामा कर रहे सपा सांसदों को जवाब देते हुए बीजेपी सांसद ने एक-एक कर पुराने मामलों को ऑन-रिकॉर्ड रखा.
2012: यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक
2014: यूपी सीपीएमटी (CPMT) प्रवेश परीक्षा पेपर लीक
2015: यूपी सिविल सर्विसेज (UP PCS) परीक्षा पेपर लीक
2016: यूपी टीयू (UPTU) बीटेक प्रवेश परीक्षा पेपर लीक
2016: यूपी एसएससी सीपीओ (SSC CPO) परीक्षा पेपर लीक
2016: गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक परीक्षा पेपर लीक
उन्होंने दावा किया कि सपा सरकार में हर बड़े एग्जाम पेपर लीक के पीछे 'सपाई माइंड' था और युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया गया.
'लोक सेवा आयोग को बना दिया था यादव आयोग'
अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की साख पूरी तरह खत्म कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि डॉक्टर अनिल यादव को अध्यक्ष बनाकर आयोग को 'यादव आयोग' में तब्दील कर दिया गया, जहां जाति विशेष के लोगों को लाभ पहुंचाया गया और मेधावी युवाओं की अनदेखी की गई. उन्होंने याद दिलाया कि बाद में कोर्ट के आदेश पर अनिल यादव को हटाया गया था. इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि 2012 की कॉपियां तक जला दी गईं ताकि धांधली के सबूत मिटाए जा सकें और जब प्रयागराज (इलाहाबाद) में छात्रों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया था तो उन पर लाठियां बरसाई गई थीं.
सदन में जोरदार हंगामा
अनुराग ठाकुर के आरोपों के बाद सपा सांसद आनंद भदौरिया सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर और अपनी सीटों से खड़े होकर तीखा विरोध दर्ज कराया. सपा सांसदों ने उनके द्वारा दिए गए बयानों और आंकड़ों के ऑथेंटिकेशन (प्रमाणीकरण) की मांग की. इस पर पीठासीन अधिकारी/चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि दिए गए वक्तव्य को ऑथेंटिकेट करने या रिकॉर्ड की जांच करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी. संसदीय नियमों (पॉइंट ऑफ ऑर्डर) का हवाला देते हुए हंगामा कर रहे सांसदों को अपनी सीटों पर जाने का निर्देश दिया गया.
'100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली'
अपनी बात का अंत करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि "100 पेपर लीक करवाकर और गुलशन को उजाड़कर आज राहुल गांधी और अखिलेश यादव युवाओं के हितैषी बनने का नाटक कर रहे हैं. इनकी स्थिति वही है कि 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली." उन्होंने कहा कि देश का युवा जानता है कि किसने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और किसने सुधार के कदम उठाए हैं.
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