रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी पर रुका बुलडोजर एक्शन, 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर लगी रोक

यूपी तक

• 01:22 PM • 28 Jul 2026

रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है. प्रशासन की ओर से 38 भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सुनवाई तक रोक लगा दी गई है.

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Johar University Demolition Stay News: रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है. प्रशासन की ओर से 38 भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सुनवाई तक रोक लगा दी गई है. इस फैसले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और समाजवादी पार्टी नेताओं को राहत मिली है. सपा नेता और सांसद इस मामले में एकजुट होकर यूनिवर्सिटी को बचाने की कोशिश में जुटे हैं. वहीं न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगे की सुनवाई में राहत मिल सकती है.

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38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर लगी रोक

जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को अवैध घोषित किए जाने के बाद प्रशासन ने इनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी. हालांकि, अब इन भवनों पर बुलडोजर कार्रवाई को सुनवाई पूरी होने तक रोक दिया गया है. इस फैसले को यूनिवर्सिटी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. मामले में न्यायपालिका ने अग्रिम सुनवाई तक कार्रवाई स्थगित रखने का फैसला लिया है.प्रशासन की कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार सवाल उठा रही थी. सपा नेताओं का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी एक शिक्षण संस्थान है और यहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाना चाहिए.

सड़क पर उतरे सांसद और नेता

जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के कई नेता और सांसद सक्रिय हो गए हैं. उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाते हुए यूनिवर्सिटी के संरक्षण की मांग की है. सपा नेताओं का कहना है कि वह न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखते हैं और उम्मीद है कि अंतिम फैसला छात्रों और संस्थान के हित में आएगा. इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भी प्रदेश सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. नेताओं का आरोप है कि कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की जा रही है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले में प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की बात कही जा रही है.

इकरा हसन ने दिया ये बयान

जौहर यूनिवर्सिटी मामले में सपा नेता आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा और सांसद इकरा हसन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. तंजीम फातिमा ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वह इस मामले को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगी. उन्होंने संविधान में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मिले अधिकारों का भी जिक्र किया. उनका कहना है कि शिक्षण संस्थानों और छात्रों के हितों की रक्षा जरूरी है. वहीं, सांसद इकरा हसन ने भी मामले में अपनी बात रखते हुए यूनिवर्सिटी के पक्ष में आवाज उठाई है.

अखिलेश यादव भी पहुंचेंगे रामपुर?

जौहर यूनिवर्सिटी मामले में राहत मिलने के बाद आजम खान समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है. आजम खान पर लगाए गए आरोपों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. अब ध्वस्तीकरण पर रोक के बाद समर्थक इसे बड़ी राहत के तौर पर देख रहे हैं. वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी जल्द रामपुर पहुंचकर छात्रों से मुलाकात कर सकते हैं. इस पूरे मामले ने प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है. अब सभी की नजरें आगे होने वाली सुनवाई और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.