जंतर मंतर पर छात्रों के समर्थन में पानी और खाना वितरित करने वाले जुनैद खान चर्चा में हैं. उनके प्रयासों के बावजूद पुलिस ने उनके परिवार को उठा लिया जो विवाद का विषय बना. जुनैद खान गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव के रहने वाले हैं. इन्होंने हाल ही में कानून की पढ़ाई पूरी की है और सरकारी नौकरी की तैयारी में हैं. वे प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए लगातार लगे रहे.
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उनके परिवार को पुलिस द्वारा उठाए जाने के बाद उनकी माँ की तबियत भी बिगड़ी. पुलिस ने उनके पिता से पूछताछ की और बाद में छोड़ दिया. जुनैद खुद भी पुलिस की हिरासत में रहे और उत्तराखंड के मसूरी ले जाए गए. कई राजनेता और सामाजिक सक्रियजन जुनैद के समर्थन में सामने आए हैं और पुलिस की कार्रवाईयों की आलोचना कर रहे हैं. वे इसे छात्रों की सेवा में लगे व्यक्ति के खिलाफ गलत कदम मानते हैं.
जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद जुनैद की स्थिति और उनके परिवार पर पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सवाल अभी भी चर्चा में हैं, और उनका भविष्य कई तरह की चुनौतियों से भरा है.
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