UPSC Prelims 2026: क्या इस बार पेपर था मुश्किल? एग्जाम हॉल से बाहर आए छात्रों की प्रतिक्रिया सुनकर चौंक जाएंगे!

UPSC परीक्षा के पहले शिफ्ट के बाद अभ्यर्थियों ने पेपर को मध्यम स्तर का बताया. छात्रों के अनुसार इतिहास, करंट अफेयर्स और पर्यावरण सेक्शन अपेक्षाकृत कठिन रहे, जबकि साइंस एंड टेक्नोलॉजी और कॉम्प्रिहेंशन आधारित प्रश्नों पर ज्यादा फोकस देखने को मिला.

यूपी तक

• 02:02 PM • 24 May 2026

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UPSC Exam Analysis: यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2026 के पहले शिफ्ट के बाद परीक्षा केंद्रों से बाहर आए अभ्यर्थियों ने पेपर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. अधिकतर उम्मीदवारों के अनुसार इस बार का पेपर न तो बहुत आसान था और न ही बहुत कठिन, बल्कि यह मॉडरेट से थोड़ा कठिन स्तर का रहा. खासकर इतिहास, पर्यावरण, करंट अफेयर्स और साइंस-टेक्नोलॉजी से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों को ज्यादा परेशान किया.

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मॉडरेट से टफ था पेपर का ओवरऑल लेवल

अभ्यर्थियों ने बताया कि पूरे पेपर का स्तर संतुलित था, लेकिन कुछ सेक्शन अपेक्षाकृत कठिन थे. कई छात्रों ने कहा कि पेपर में कॉन्सेप्चुअल और एनालिटिकल सवालों की संख्या ज्यादा थी, जबकि फैक्ट बेस्ड सवाल लगभग 10 से 15 प्रतिशत ही थे. इस वजह से समय प्रबंधन भी चुनौतीपूर्ण रहा.

इतिहास और पर्यावरण सेक्शन रहा सबसे चुनौतीपूर्ण

उम्मीदवारों के अनुसार इतिहास का हिस्सा इस बार ज्यादा डीप और फैक्ट-आधारित था. वहीं पर्यावरण और करंट अफेयर्स से जुड़े सवालों ने भी अभ्यर्थियों को कठिनाई में डाला. कुछ प्रश्न इंटरनेशनल घटनाओं और ग्लोबल इवेंट्स पर आधारित थे, जिन्हें हल करना कई छात्रों के लिए मुश्किल रहा.

करंट अफेयर्स और साइंस-टेक्नोलॉजी पर फोकस

इसके अलावा पेपर में करंट अफेयर्स का प्रभाव ज्यादा देखने को मिला. ओलंपिक्स, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं, ग्रीन हाइड्रोजन, एनर्जी प्राइस और अन्य वैश्विक मुद्दों से जुड़े सवाल पूछे गए. साइंस और टेक्नोलॉजी सेक्शन को भी इस बार अधिक महत्व दिया गया, जिसे कई अभ्यर्थियों ने थोड़ा टफ बताया.

ज्योग्राफी और इकोनॉमिक्स के सवाल भी शामिल

अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर में ज्योग्राफी से भी कई सवाल आए. वहीं इकोनॉमिक्स सेक्शन में नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) जैसे टॉपिक्स से प्रश्न पूछे गए. इसके अलावा एथिक्स और कॉम्प्रिहेंशन आधारित सवालों ने भी पेपर को लंबा और थोड़ा कठिन बना दिया.

छात्रों की प्रतिक्रिया

परीक्षा देकर बाहर निकले कई छात्रों ने कहा कि पेपर “ना तो आसान था, ना ही बहुत कठिन”. कुछ ने इसे सामान्य स्तर का बताया तो कुछ ने इसे टफ माना. कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने लगभग 55 से 60 प्रश्न हल किए, जबकि कुछ ने 100 में से 50 से अधिक सवाल हल करने का दावा किया.

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