UP Lekhpal Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में 21 मई 2026 को आयोजित हुई लेखपाल मुख्य परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर काफी हलचल देखने को मिली. कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय के बाद भी अभ्यर्थियों को बाहर निकाला जा रहा था. कुछ लोगों ने इसे परीक्षा में धांधली और पेपर लीक से जोड़ते हुए सवाल उठाए. हालांकि अब इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है.
ADVERTISEMENT
44 जिलों में हुई थी परीक्षा
लेखपाल मुख्य परीक्षा 2026 का आयोजन उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में स्थित 861 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था. इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया. आयोग के अनुसार, कुल 3,66,712 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से करीब 82 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए. यानी लगभग 3 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने मुख्य परीक्षा दी. परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक रखा गया था.
वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद
परीक्षा समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे. खासकर लखनऊ के एक परीक्षा केंद्र का वीडियो चर्चा में आया, जिसमें कुछ अभ्यर्थियों को दोपहर 1:30 बजे से 2 बजे के बीच परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते हुए दिखाया गया. इस वीडियो को लेकर लोगों ने सवाल उठाया कि जब परीक्षा का आधिकारिक समय 12 बजे तक था, तो फिर कुछ अभ्यर्थियों को इतनी देर तक केंद्र में क्यों रोका गया.
इसी तरह देवरिया के कुछ परीक्षा केंद्रों से भी वीडियो सामने आए, जहां दावा किया गया कि निर्धारित समय के बाद भी छात्र केंद्रों के अंदर मौजूद थे. एक वीडियो में कुछ अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के अंदर से रिकॉर्डिंग करते हुए दिखाई दिए. वहीं मुजफ्फरनगर से भी ऐसा ही वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर परीक्षार्थियों को दोपहर बाद बाहर निकलते देखा गया. इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर आयोग, प्रशासन और परीक्षा केंद्रों के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे.
सरकार ने पेपर लीक के आरोपों को बताया भ्रामक
विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट किया. आधिकारिक बयान में कहा गया कि लेखपाल मुख्य परीक्षा 2026 को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया. सरकार के अनुसार, पेपर लीक से जुड़ी सूचनाओं की सक्षम अधिकारियों द्वारा तत्काल जांच और सत्यापन कराया गया, जिसमें यह दावा पूरी तरह भ्रामक और असत्य पाया गया.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा के संचालन में किसी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी स्थिति सामने नहीं आई और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराई गई.
सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहा हैशटैग
हालांकि सरकारी स्पष्टीकरण आने के बावजूद सोशल मीडिया पर बहस जारी रही. कई अभ्यर्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले शिक्षकों ने वीडियो जारी कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई. इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर #शटग_यूपी_लेखपाल_भर्ती_पेपर_लीक हैशटैग भी ट्रेंड करता दिखाई दिया. लोग लगातार आयोग और सरकार से वायरल वीडियो को लेकर जवाब मांगते रहे.
सरकार ने रखा अपना पक्ष
फिलहाल सरकार ने साफ कर दिया है कि लेखपाल मुख्य परीक्षा में किसी प्रकार का पेपर लीक नहीं हुआ और वायरल दावे सत्यापन में गलत पाए गए हैं. बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अभ्यर्थियों के सवालों को लेकर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही. अब सभी की नजर इस बात पर है कि आयोग भविष्य में इन सवालों को लेकर कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण देता है या नहीं.
यह भी पढ़ें: आजम खान के गढ़ में पलटेगा खेल? रामपुर नगर विधानसभा सीट पर सपा और बीजेपी में सीधी टक्कर की तैयारी...
ADVERTISEMENT









