उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक तरफ एक बेबस परिवार अपने घर के चिराग की लाश लेकर खड़ा इंसाफ की गुहार लगा रहा था. वहीं दूसरी तरफ पुलिस अधिकारी की 'अखिलेश यादव को वीडियो भेज देना' वाली टिप्पणी ने पूरे मामले को राजनीतिक रूप दे दिया. अलाऊ थाना क्षेत्र के संतोष नगर में एक ट्रक परिचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई और चालक घायल हो गया. इस वारदात के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर जब गांव वालों की पुलिस से बहस हुई तो सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह का मूछों पर ताव देते हुए एक वीडियो कैमरे में कैद हो गया. वीडियो वायरल होते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस के रवैये पर कड़ा हमला बोला. हालांकि इस सियासी घमासान के बीच असली सवाल यही बना हुआ है कि पीड़ित परिवार को इंसाफ कब और कैसे मिलेगा.
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क्या है पूरा मामला?
घटना मैनपुरी के अलाऊ थाना क्षेत्र के संतोष नगर गांव के पास की है. एक शराब के ठेके के सामने गाड़ी के विवाद में कुछ लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस घटना में ट्रक परिचालक सुभाष की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि ड्राइवर घायल हो गया. जब शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया तो परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई. ग्रामीण पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे थे और आरोपी को सामने लाने की मांग कर रहे थे. इसी दौरान कुछ लोग अपने मोबाइल से वीडियो बनाने लगे जिससे पुलिस और ग्रामीणों में तीखी बहस शुरू हो गई.
अखिलेश यादव को भेज देना वीडियो- सीओ का क्लिप वायरल
बहस के दौरान सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह अपनी नेमप्लेट दिखाते हुए और मूछों पर ताव देते हुए वीडियो बना रहे युवक से कहते नजर आए 'अखिलेश यादव को भेज देना वीडियो.' यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि सत्ता और सजातीय संरक्षण के चलते पुलिस अधिकारी की मूछों पर इतना ताव है. उन्होंने निष्पक्ष जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए.
वीडियो को आधा-अधूरा किया गया वायरल- सीओ
मामला तूल पकड़ने पर सीओ अशोक कुमार सिंह ने अपनी सफाई पेश की. उन्होंने कहा कि हत्या के मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. पोस्टमार्टम हाउस पर एक स्थानीय प्रधान जबरन बेगुनाह लोगों को नामजद करने का दबाव बना रहा था. सीओ के मुताबिक, वहां पुलिस के खिलाफ जातिसूचक बातें कही जा रही थीं और एक शख्स ने अखिलेश यादव से शिकायत करने की धमकी दी थी जिसके जवाब में उन्होंने वह बात कही थी. उन्होंने दावा किया कि वीडियो को काटकर वायरल किया गया है.
पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
राजनीतिक बयानबाजी से इतर मृतक सुभाष के घर पर मातम छाया हुआ है. मृतक की पत्नी 5 महीने की गर्भवती है और शादी को महज एक साल हुआ था. रोते-बिलखते परिजनों ने कहा कि उन्हें पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर पूरा भरोसा नहीं है. मृतक की पत्नी ने रोते हुए कहा 'मेरा तो सब कुछ लुट गया, मुझे बस अपने पति के कातिल के लिए सजा चाहिए, खून के बदले खून चाहिए.' वहीं ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस जिस आरोपी को पकड़ने का दावा कर रही है उसे परिजनों के सामने लाकर तसल्ली कराई जाए.
2 महिला पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मामले में लापरवाही और सुरक्षा में चूक की बात सामने आने पर पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है. घटना से जुड़े अन्य घटनाक्रमों और लापरवाही को लेकर गाज भी गिरी है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है, गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और रिश्तेदारों के यहां दबिश दी जा रही है.लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि पीड़ित परिवार को कानून पर भरोसा कब मिलेगा.
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