Surya Chauhan Mother: गाजियाबाद के खोड़ा में बकरीद के दिन सूर्या चौहान हत्याकांड का मामला अभी तक कोई नहीं भूल पाया है. सूर्या की हत्या के बाद आज 10 जून को उसके लिए श्रद्धांजलि सभा रखी गई थी. इस दुख की घड़ी में पूरा इलाका सूर्या के घर पर उमड़ पड़ा. लेकिन माहौल तब पूरी तरह गमगीन हो गया जब सूर्या की मां सरोज देवी का सब्र टूट गया. 17 साल के जवान बेटे की तस्वीर को निहारते हुए मां की चीखें और आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे. रोते-रोते मां ने अपनी सूनी गोद का वास्ता देकर सरकार से हत्यारों के लिए सबसे कठोर सजा की मांग की है. बता दें कि अभी तक इस मामले में पुलिस ने असद नाम के एक आरोपी का एनकाउंटर किया है.
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बिलखती मां ने रोते हुए कही ये बात
श्रद्धांजलि सभा में जैसे ही सूर्या की मां सरोज देवी बेटे की तस्वीर के सामने पहुंचीं वे इमोशनल हो गईं. इस दौरान सरोज देवी ने हाथ जोड़कर रोते हुए कहा कि 'मेरा 17 साल का मासूम बेटा अब कभी लौटकर नहीं आएगा. उन जालिमों ने मेरे कलेजे के टुकड़े को मुझसे हमेशा के लिए छीन लिया. मेरी बस यही मांग है कि जिन नामजद आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है उनके खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई हो कि वो बाहर ना निकल पाएं. उन्हें ऐसी भयानक सजा मिले जो पूरे समाज के लिए एक मिसाल बन जाए ताकि फिर कभी किसी और मां की गोद सूनी न हो.'
मां ने सीएम योगी का जताया आभार
बेटे को खोने के असहनीय दर्द के बीच मां सरोज देवी ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासन की मुस्तैदी पर भरोसा भी जताया. उन्होंने भर्राई हुई आवाज में कहा कि पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेजा है उससे उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है. उन्होंने इस त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया.
गमगीन माहौल में हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम
सूर्या चौहान की आत्मा की शांति के लिए आयोजित यह तेरहवीं और श्रद्धांजलि सभा बेहद सादगीपूर्ण और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई. हालांकि घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नवनीत विहार इलाके में सुबह से ही स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा. क्षेत्र के कोने-कोने से पहुंचे हजारों लोगों ने सूर्या के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उसे नम आंखों से विदाई दी.
'पूरा समाज इस दुख में परिवार के साथ खड़ा है'
श्रद्धांजलि देने पहुंचे स्थानीय निवासियों और परिजनों ने कहा कि सूर्या बेहद मिलनसार और सीधा लड़का था. उसकी इस तरह असमय और क्रूर मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिया कि भले ही आज सूर्या उनके बीच नहीं है. लेकिन इस संकट की घड़ी में पूरा समाज अपनी इस बेटी और परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ा है. लोगों ने भी सरकार से मांग की है कि अपराधियों के भीतर कानून का ऐसा खौफ पैदा किया जाए कि ऐसी वारदातों पर पूरी तरह लगाम लग सके.
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