BJP MLA Vinod Singh Statement News: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से बीजेपी विधायक विनोद सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में विधायक एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में ग्राम प्रधानों को चेतावनी देते और मुस्लिम समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं. यह कार्यक्रम लौहर दक्षिण गांव में एक नहर पुल के शिलान्यास के दौरान आयोजित किया गया था. विधायक के बयान सामने आने के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष को भी सरकार पर हमला बोलने का नया मुद्दा मिल गया है.
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शिलान्यास कार्यक्रम में दिए विवादित बयान
जानकारी के अनुसार, विनोद सिंह शनिवार को भाई-भादर मार्ग स्थित नहर पुल के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग सरकार की योजनाओं का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से भाजपा का समर्थन नहीं करते. अपने संबोधन में विधायक ने कहा, 'आज भारत का मुसलमान केंद्र और प्रदेश सरकार की तमाम योजनाओं का फायदा ले रहा है, लेकिन जब वोट की बात आती है तो मोदी और योगी को हटाने की कोशिश करता है. अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आ गई तो प्रदेश में आतंक का माहौल बन जाएगा.'
विधायक ने अपने भाषण में पश्चिम बंगाल का उदाहरण भी दिया और कहा कि वहां हिंदू समाज के एकजुट होने के कारण राजनीतिक बदलाव देखने को मिला. उन्होंने मंच से मौजूद कुछ स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी टिप्पणी की, जिसे लेकर अब चर्चा तेज हो गई है.
इस बयान के वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है. कई लोग इसे चुनावी माहौल से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं. हालांकि विधायक की ओर से अब तक इस विवाद पर कोई अतिरिक्त स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है.
प्रधानों को दी डाली चेतावनी
कार्यक्रम के अंतिम हिस्से में विधायक ने ग्राम प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को लेकर भी सख्त टिप्पणी की. उन्होंने कहा 'मैंने विकास और इलाज के लिए करोड़ों रुपये दिए हैं. मैंने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया. लेकिन यह संदेश पहुंचा दीजिए कि जो भी योगी और मोदी के खिलाफ जाएगा, उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा. इतनी जांच बैठा दूंगा कि वह प्रधानी नहीं कर पाएगा.'
विधायक के इस बयान को लेकर राजनीतिक विरोधियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. आलोचकों का कहना है कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की चेतावनी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है. वहीं समर्थकों का कहना है कि विधायक ने केवल राजनीतिक विरोध का जवाब देने की बात कही है.
बयान पर सफाई नहीं दी
विवाद बढ़ने के बाद मीडिया ने विधायक विनोद सिंह से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. बताया गया कि उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया. बाद में उनके प्रतिनिधि अमित सिंह ने कहा कि विधायक का पूरा बयान वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है और फिलहाल इस मुद्दे पर कोई अतिरिक्त प्रतिक्रिया या बयान नहीं दिया जाएगा.
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