गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश: दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख शहर गाजियाबाद में रहने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है. आने वाले दिनों में शहर का सफर बेहद सुगम और सुरक्षित होने जा रहा है. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने जनपद की सड़कों की सूरत बदलने के लिए एक बड़ा मेगा प्लान तैयार किया है.
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विभाग ने गाजियाबाद की 185 सड़कों के चौड़ीकरण (UP Road Widening) और मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है. इसके अलावा लोनी, मोदीनगर और मुरादनगर में नई सड़कों का जाल भी बिछाया जाएगा. शासन से हरी झंडी मिलते ही सड़कों पर काम युद्धस्तर पर शुरू हो जाएगा.
इन प्रमुख सड़कों का होगा चौड़ीकरण
वाहनों के बढ़ते दबाव और जाम से मुक्ति दिलाने के लिए इस साल जिले की 19 सड़कों को चौड़ा किया जाएगा. इनमें ये मार्ग भी शामिल हैं...
- बेहटा-हाजीपुर मार्ग
- मोदीनगर-कलछीना मार्ग
- दुहाई-पतला मार्ग
- डासना-इकला मार्ग
- रावली मार्ग
- मोदीनगर-पतला-निवाड़ी मार्ग
- दिल्ली-मेरठ मार्ग (अटोर)
85 सड़कों की होगी मरम्मत
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पीडब्ल्यूडी ने पूरी कार्य योजना शासन को सौंप दी है, जिसके तहत मोदीनगर, लोनी और मुरादनगर क्षेत्र की करीब 85 सड़कों की मरम्मत की जाएगी, जिनकी कुल लंबाई 130 किलोमीटर है. जिले के अलग-अलग हिस्सों में 140 किलोमीटर लंबी कुल 83 नई सड़कें बनाई जाएंगी.
रफ्तार पर रहेगी नजर, सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
- सड़कों को सिर्फ चौड़ा और गड्ढा मुक्त ही नहीं किया जाएगा, बल्कि लोगों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.
- पूरे रूट पर दिशा सूचक (Sign Boards) और गति सीमा निर्धारित करने वाले बोर्ड लगाए जाएंगे.
- दुर्घटना संभावित जगहों पर स्पीड ब्रेकर (अवरोधक) बनाए जाएंगे.
- तय सीमा से तेज गाड़ी चलाने वालों पर लगाम कसने के लिए चालान काटने की व्यवस्था भी की जाएगी.
गाजियाबाद जिले की 185 सड़कों के चौड़ीकरण और मरम्मत के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं. साथ ही 19 नई सड़कें भी बनाई जाएंगी.
यमुना और हिंडन किनारे से हटेंगे अवैध कब्जे
सड़कों के विकास के साथ-साथ जिला प्रशासन ने पर्यावरण को बचाने के लिए भी कमर कस ली है. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में हुई कलेक्ट्रेट बैठक में यमुना और हिंडन नदी क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.
डीएम ने अधिकारियों से कहा है कि मानचित्रों के आधार पर नदी की मूल भूमि की जांच की जाए. नदी की जमीन पर जहां भी अवैध निर्माण या कब्जे मिलेंगे, उन्हें कानून के मुताबिक तुरंत ढहाया जाएगा. डीएम ने साफ किया कि यमुना और हिंडन नदियां सिर्फ पानी का जरिया नहीं हैं, बल्कि यह हमारे पर्यावरण और इकोसिस्टम के लिए बेहद जरूरी हैं. इसलिए नदी क्षेत्रों को भू-माफियाओं से मुक्त कराना शासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
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