गाजियाबाद (लोनी): गाजियाबाद के लोनी इलाके के बहुचर्चित ओंकार त्यागी हत्याकांड में पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी और मुख्य आरोपियों में शामिल मोहित को गिरफ्तार कर लिया है. मोहित की गिरफ्तारी के बाद जो खौफनाक कहानी सामने आई है, उसने सबको चौंका दिया है.
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शुरुआत में जिसे किडनैपिंग का मामला समझा जा रहा था, वह असल में गांव की पंचायत में हुई बेइज्जती का बदला लेने के लिए किया गया मर्डर निकला. बदमाशों ने गोली मारने के बाद शव को कार की डिग्गी में रखा और गंगनहर में फेंक दिया.
मर्डर की इनसाइड स्टोरी
गिरफ्तार आरोपी मोहित ने पुलिस पूछताछ और मीडिया के सामने पूरी कहानी सिलसिलेवार तरीके से कबूल की है. बीते 20 मई को ओंकार त्यागी के बेटे देवांश और दूसरे पक्ष के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिससे दोनों गुटों में तनाव बढ़ गया.
पंचायत में अपमान
इस विवाद को सुलझाने के लिए 29 मई को गांव में एक पंचायत बैठी. आरोप है कि इस पंचायत के दौरान दूसरे पक्ष के सौरभ उर्फ भोला और उसके पिता विजेंद्र के साथ मारपीट और बेइज्जती की गई.
इसी अपमान का बदला लेने के लिए सौरभ, गौरव, गोपाल, गौतमबुद्धनगर के रहने वाले एक अन्य गौरव और मोहित ने मिलकर ओंकार त्यागी की हत्या का प्लान बनाया.
रातभर खेतों में छिपकर किया इंतजार
आरोपी मोहित के मुताबिक, पंचायत खत्म होने के बाद सभी आरोपी रात में इकट्ठा हुए. सौरभ अपने साथ एक पिस्टल और तमंचा लेकर आया था. सब स्विफ्ट कार से निकले, शराब खरीदी और गांव के बाहर खेतों में रातभर छिपकर सुबह होने का इंतजार करने लगे. उन्हें पता था कि ओंकार त्यागी रोज सुबह बाइक से पशुओं का चारा लेने निकलते हैं.
3 जून को जैसे ही ओंकार त्यागी निठोरा अंडरपास के पास पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. इसके बाद लहूलुहान ओंकार को जबरन कार की डिग्गी में डाला और फरार हो गए.
गंगनहर में फेंकी लाश
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले शव को हिंडन नदी क्षेत्र में ठिकाने लगाने गए थे, लेकिन वहां पानी कम होने और किसानों की आवाजाही के कारण उन्होंने प्लान बदल दिया. इसके बाद वे बागपत के पूठखास पुल के पास पहुंचे और गंगनहर किनारे जंगल के अंदर जाकर शव को नहर में फेंक दिया.
17 लोग गिरफ्तार, 4 मुख्य आरोपी फरार
पुलिस इस मामले में अब तक कुल 17 लोगों को जेल भेज चुकी है. मुख्य आरोपियों में से 4 अभी भी फरार हैं, जिन पर 50-50 हजार का इनाम है.
ओंकार त्यागी का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है. शव को ढूंढने के लिए लोनी, निवाड़ी, मुरादनगर और मसूरी पुलिस के साथ-साथ NDRF, SDRF, गोताखोर और ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है. करीब 20 टीमें गंगनहर के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.
मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है. 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और मुख्य आरोपी मोहित से पूछताछ में कई अहम तथ्य मिले हैं. बाकी बचे फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और शव की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं.
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