औरैया में घरवालों ने जिसका किया अंतिम संस्कार वो लौट आया! 'मुर्दा' कमल सिंह को जिंदा पाकर सभी चौंक गए

सूर्या शर्मा

• 03:07 PM • 27 Jul 2026

उत्तर प्रदेश के औरैया में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. अजीतमल के सैदपुर अड्डा गांव में जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार हो चुका था, वह शांति पाठ के दिन जिंदा घर लौट आया. दरअसल, परिजनों ने हाईवे किनारे मिले एक अज्ञात शव की पहचान कमल सिंह के रूप में कर दी थी, लेकिन कुछ दिन बाद कमल सिंह के घर पहुंचते ही सभी हैरान रह गए.

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Auraiya News: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया. अजीतमल क्षेत्र के सैदपुर अड्डा गांव में जिस व्यक्ति को मृत मानकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया था, वह शांति पाठ के दिन अचानक जिंदा घर पहुंच गया. दरअसल, नेशनल हाईवे किनारे मिले एक अज्ञात शव की पहचान परिजनों ने कमल सिंह के रूप में कर ली थी. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. लेकिन कुछ दिन बाद जब कमल सिंह घर लौटा तो परिवार और गांव के लोग उसे देखकर दंग रह गए.

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शव को समझ लिया था कमल सिंह

जानकारी के अनुसार 18 जुलाई को नेशनल हाईवे किनारे एक अज्ञात शव मिला था. 20 जुलाई को दशरथ सिंह ने उस शव की पहचान अपने छोटे भाई कमल सिंह रैदास के रूप में की. इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया. 21 जुलाई को पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. परिवार को यकीन था कि शव कमल सिंह का ही है, इसलिए उसके निधन के बाद शोक कार्यक्रम भी शुरू हो गया.

पत्नी ने फोन किया तो सामने आई पूरी सच्चाई

कमल सिंह करीब डेढ़ साल से घर से बाहर रह रहा था. पहले वह पंजाब में नौकरी करता था, फिर ट्रक पर हेल्पर रहा और बाद में ग्वालियर में प्लंबर का काम करने लगा. इस बीच उसकी पत्नी सुनीता को भरोसा था कि उसका पति जीवित है. उसने उस नंबर पर संपर्क किया, जिससे कमल सिंह बात करता था. ग्वालियर में कमल से बात होने के बाद सुनीता ने उसे तुरंत घर आने के लिए कहा. इसके बाद पूरे मामले का सच सामने आ गया.

कमल घर पहुंचा तो सभी रह गए हैरान

जब कमल सिंह अपने गांव सैदपुर अड्डा पहुंचा, तब घर में उसका शांति पाठ चल रहा था. उसे दरवाजे पर खड़ा देखकर परिवार के सदस्य और गांव के लोग हैरान रह गए. जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार हो चुका था, वह जिंदा सामने खड़ा था. इस घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई. देखते ही देखते यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया.

पुलिस असली शव की पहचान में जुटी

पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि 18 जुलाई को मिले अज्ञात शव की पहचान दशरथ सिंह ने अपने भाई के रूप में की थी. उन्होंने कहा '25 जुलाई को कमल सिंह की पत्नी ने सूचना दी कि कमल जीवित है. इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है.' अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जिस अज्ञात शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह आखिर किस व्यक्ति का था. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है.