मंदिर में दफनाए 2 शव, फिर बिछा दीं टाइल्स; बागपत का 'कातिल' महंत कोलकाता से पकड़ा गया... पुलिस के सामने बता दिया सबकुछ!

मनुदेव उपाध्याय

• 01:43 PM • 21 Sep 2026

बागपत के चर्चित अंकित-इसरार हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी महंत बाबा नरेशनाथ को कोलकाता के विधाननगर से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दो दोस्तों की हत्या के बाद शव गणेश मंदिर परिसर में दफना दिए गए थे.

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उत्तर प्रदेश के बागपत में चर्चित अंकित-इसरार हत्याकांड के मुख्य आरोपी महंत बाबा नरेशनाथ को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. दो दोस्तों की हत्या के बाद उनके शव गणेश मंदिर परिसर में दफन किए गए थे और ऊपर से टाइल्स बिछा दी गई थीं. वारदात के बाद नरेशनाथ हरिद्वार पहुंचा, वहां गंगा में डुबकी लगाई और फिर नेपाल चला गया.

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नेपाल में बाढ़ आने के बाद वापस भारत आया और कोलकाता पहुंच गया. पुलिस के मुताबिक, यहां उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए भिखारी का भेष बना लिया था और एक मंदिर के बाहर रहने लगा था. बागपत पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और विधाननगर से उसे पकड़ लिया.

25 जुलाई को घर से निकले थे अंकित और इसरार

मामला बागपत के चांदीनगर थाना क्षेत्र के लहचौड़ा गांव स्थित गणेश मंदिर का है. सिंगौली तगा गांव के रहने वाले अंकित और उसका दोस्त इसरार 25 जुलाई को घर से निकले थे. इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे. परिवार की शिकायत पर पुलिस ने तलाश शुरू की.

जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल लोकेशन समेत दूसरे सुरागों को खंगाला. इसी दौरान शक गणेश मंदिर परिसर तक पहुंचा. 13 अगस्त को मंदिर परिसर में खुदाई कराई गई तो जमीन के नीचे दोनों दोस्तों के शव मिले. पुलिस के मुताबिक, शवों को छिपाने के लिए गड्ढे के ऊपर टाइल्स भी लगा दी गई थीं.

महंत पर आया शक, दो शिष्य पहले गिरफ्तार

पुलिस जांच में मंदिर के महंत नरेशनाथ का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया. उसके दो शिष्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन नरेशनाथ फरार हो गया था. उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया और उसकी तलाश में कई पुलिस टीमें लगाई गईं. 

जांच के दौरान पुलिस को नरेशनाथ के नेपाल में होने की जानकारी मिली. इसके बाद उसकी संभावित लोकेशन और ठिकानों पर लगातार नजर रखी गई.

हरिद्वार से नेपाल और फिर कोलकाता पहुंचा

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद नरेशनाथ पहले हरिद्वार गया और वहां गंगा में डुबकी लगाई. इसके बाद वह नेपाल चला गया. नेपाल में बाढ़ की स्थिति बनने के बाद भारत वापस आया और कोलकाता पहुंच गया.

कोलकाता के विधाननगर में उसने पहचान छिपाने के लिए भिखारी का रूप बना लिया था. एक मंदिर के बाहर रह रहा था. पुलिस को उसकी लोकेशन की जानकारी मिली तो टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया.

पूछताछ में प्रेम संबंध की बात सामने आई

पुलिस पूछताछ में नरेशनाथ ने अंकित की बहन से प्रेम संबंध होने की बात बताई. पुलिस के अनुसार, अंकित को इस रिश्ते की जानकारी हो गई थी. उसके पास दोनों से जुड़ी कुछ तस्वीरें भी थीं. इन्हीं तस्वीरों को लेकर अंकित नरेशनाथ पर दबाव बना रहा था और उससे रुपये लेने की बात भी पूछताछ में सामने आई है.

पुलिस के मुताबिक, बदनामी के डर से नरेशनाथ ने अंकित को रास्ते से हटाने की साजिश रची. उसने पहले अंकित और उसके साथ मौजूद इसरार को नींद की गोली मिलाकर चाय पिलाई. इसके बाद दोनों की हत्या कर दी गई. चूंकि इसरार उस समय अंकित के साथ था, इसलिए निशाने पर आ गया.

नरेशनाथ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया. वहां से उसे जेल भेज दिया गया है.