उन्नाव के सामूहिक विवाह में बंटे 'TMC सिंबल' वाले गद्दे, विवाद बढ़ने के बाद क्या हुआ?

सूरज सिंह

• 12:23 PM • 27 Jul 2026

उन्नाव में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बांटे गए गद्दों पर कथित तौर पर TMC का चुनाव चिन्ह मिलने के बाद विवाद हो गया. मामले में जांच के बाद आपूर्ति करने वाली फर्म पर एफआईआर दर्ज कर ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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TMC Symbol Mattress Share in Unnao (Photo Enhanced by AI)

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Unnao CM Samuhik Vivah Controversy: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के दौरान वितरित किए गए गद्दों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. कार्यक्रम में कुछ गद्दों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिन्ह दिखाई देने की तस्वीरें सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया. मामले की जांच कराई गई, जिसके बाद संबंधित आपूर्ति करने वाली फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. साथ ही फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. प्रशासन ने इस मामले में जुड़े अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई शुरू की है.

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24 जुलाई को हुआ था सामूहिक विवाह कार्यक्रम

जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की ओर से 24 जुलाई को डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन सेंटर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम में कुल 459 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया. योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को अन्य सामग्री के साथ गद्दे भी दिए गए थे. बाद में सामने आई कुछ तस्वीरों में गद्दों के कवर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव चिन्ह जैसे दिखाई दिए, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने जांच के आदेश दिए.

जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया?

जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी गई. रिपोर्ट के अनुसार कार्यक्रम में वितरित कुल 918 गद्दों में से एक या दो गद्दों के कवर राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह से मिलते-जुलते पाए गए. इसके बाद जिलाधिकारी ने संबंधित फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और एफआईआर दर्ज कराने के साथ उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.

CDO ने कार्रवाई की पुष्टि की

मुख्य विकास अधिकारी कीर्ति राज ने कहा, '24 जुलाई को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 459 जोड़ों का विवाह हुआ था. मीडिया के माध्यम से शिकायत मिली कि कुछ गद्दों पर राजनीतिक दल से जुड़े प्रतीक जैसे कवर दिखाई दे रहे हैं. डीएम के निर्देश पर जांच समिति गठित की गई. जांच के बाद संबंधित आपूर्ति करने वाली फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही है. जिस सहायक विकास अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी को यह कार्य सौंपा गया था, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. वहीं समाज कल्याण अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है.'

फर्म के पते को लेकर भी उठे सवाल

मामले की जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सामग्री उपलब्ध कराने का टेंडर अलीगढ़ के नगला पटवारी स्थित इंडियन जनरल ट्रेडर्स के नाम जारी किया गया था. हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार जांच में यह दावा सामने आया कि जिस पते का उल्लेख किया गया, वहां संबंधित फर्म मौजूद नहीं मिली. यहां तक कि नईम कॉलोनी नाम की जगह भी वहां नहीं होने की बात कही जा रही है. इस दावे के सामने आने के बाद टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं.

टेंडर प्रक्रिया पर भी उठ रहे सवाल

मामले के सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि गद्दों की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं होतीं तो क्या यह पूरा मामला सामने आ पाता. फिलहाल जिला प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है. एफआईआर दर्ज होने, फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के बीच अब टेंडर प्रक्रिया और आपूर्ति व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी चर्चा तेज हो गई है.