'शादी को एक महीना भी नहीं हुआ, मुझे विधवा बना दिया'... एनकाउंटर में मारे गए कमलेश बिंद की पत्नी ने रोते हुए दिखाया शादी का कार्ड 

Ghazipur Kamlesh Bind Encounter: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कमलेश बिंद उर्फ कमलेश चौधरी के परिजनों ने इस एनकाउंटर को पूरी तरह फर्जी बताते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

Ghazipur Kamlesh Bind Encounter

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विनय कुमार सिंह

• 12:48 PM • 05 Jun 2026

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Ghazipur Encounter Case: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए कमलेश बिंद उर्फ कमलेश चौधरी के परिजनों ने इस एनकाउंटर को पूरी तरह फर्जी बताते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. महज एक महीना पहले दूल्हा बने कमलेश की पत्नी मनीषा कुमारी ने हाथ में अपनी शादी का कार्ड लेकर रोते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनके पति पूरी तरह निर्दोष थे और पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर उनकी हत्या कर दी.

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एमए की पढ़ाई कर रही कमलेश की पत्नी मनीषा कुमारी (जिनकी शादी इसी साल 27 अप्रैल 2026 को हुई थी) ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई. मनीषा ने कहा, "मेरे पति का कोई कसूर नहीं था. जिस दिन होटल वाली घटना हुई, उस दिन वे मेरे साथ घर पर ही थे. वे सुबह 6 बजे कमरे से निकले थे, उसके बाद क्या हुआ हमें कुछ नहीं पता. प्रशासन हमें घर से उठाकर कोतवाली ले गया और वहां हमें 5 दिनों तक रखा गया. जब हमें 2 बजे रात को घर छोड़ा गया, तब यहां आकर पता चला कि उनकी हत्या कर दी गई है. उन्हें दो लोगों के साथ रामगढ़ से उठाया गया था और जंगल में ले जाकर मार दिया गया. अभी मेरी शादी को एक महीना भी नहीं हुआ और मुझे विधवा बना दिया गया."

परिवार ने मांगा न्याय

कमलेश की भाभी और ग्राम प्रधान अनीता कुमारी ने भी अपने देवर को बेकसूर बताया है. परिजनों का साफ कहना है कि होटल बिंदू में हुई आपराधिक घटना से कमलेश का कोई लेना-देवा नहीं था. उनका कहना है कि जिस तरह पीड़ित होटल व्यवसायी विनीत राय के परिवार को इंसाफ की दरकार है, ठीक उसी तरह कमलेश की इस संदिग्ध मौत के मामले में उनके परिवार को भी न्याय मिलना चाहिए. कमलेश के बड़े भाई सोनू बिंद ने इस पूरे एनकाउंटर को पुलिस द्वारा की गई सुनियोजित हत्या करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि वे न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.

पथराव में सीओ सिटी समेत 6 पुलिसवाले घायल

गुरुवार शाम को जब कमलेश चौधरी बिंद का शव पोस्टमॉर्टम के बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां मौजूद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया. ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई. उत्तेजित भीड़ ने पुलिस टीम पर भारी पथराव कर दिया. इस अचानक हुए हमले में सीओ सिटी (CO City) समेत छह पुलिसकर्मियों के घायल होने की आधिकारिक सूचना है.

पुलिस की सख्त कार्रवाई की चेतावनी

इस बड़े बवाल के बाद देर रात ही डीआईजी (DIG) वैभव कृष्ण ने कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोंडा ग्रामसभा के गौसाबाद इलाके का खुद दौरा किया. उन्होंने भारी पुलिस बल के साथ प्रभावित क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की.

दूसरी ओर, पुलिस अधीक्षक (SP) ने पुलिस टीम पर पथराव और कानून-व्यवस्था हाथ में लेने वाले उपद्रवियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि बवाल में शामिल हर एक आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल भारी पुलिस सतर्कता के बीच गांव में स्थिति नियंत्रण में और शांत बनी हुई है.