5000 रुपये एडवांस, श्रीगंगानगर से हथियार लाने का टास्क… ये किसके जाल में फंसा बलरामपुर का शहरोज अहमद? बड़ा राज पता चला

संतोष शर्मा

• 09:53 AM • 21 Jul 2026

उत्तर प्रदेश एटीएस ने बलरामपुर के 29 साल के शहरोज अहमद को ISI से जुड़े कथित आतंकी नेटवर्क के आरोप में गिरफ्तार किया है. एटीएस के अनुसार, वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आया था और श्रीगंगानगर से हथियार व विस्फोटक लेने की तैयारी में था. गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है.

Balrampur ATS Arrest Shahroz Ahmad

Balrampur ATS Arrest Shahroz Ahmad (Photo Enhanced By AI)

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Balrampur ATS Operation: उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने बलरामपुर जिले के 29 साल का शहरोज अहमद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े कथित आतंकी नेटवर्क के संबंध में गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में आया था और भारत में आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था. एटीएस का दावा है कि आरोपी राजस्थान के श्रीगंगानगर से हथियार और विस्फोटक सामग्री लेने जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

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पाकिस्तानी एजेंट से हुआ संपर्क

एटीएस के अनुसार, बलरामपुर जिले के गैसड़ी थाना क्षेत्र के जमधरा गांव निवासी शहरोज अहमद अक्टूबर 2025 में फेसबुक के माध्यम से पाकिस्तानी ISI एजेंट जसवीर चौधरी के संपर्क में आया था. शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच फेसबुक मैसेंजर के अलावा व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर लगातार संपर्क बना रहा. जांच में सामने आया कि इन माध्यमों का इस्तेमाल कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े निर्देशों के आदान-प्रदान और भारत में अन्य युवाओं को इस नेटवर्क से जोड़ने के लिए किया जा रहा था.

 'शूटर' की तलाश वाली पोस्ट के बाद मिला टास्क

जांच एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तानी एजेंट ने फेसबुक पर "हिम्मत और जिगर वाले शूटरों" की तलाश संबंधी एक पोस्ट साझा की थी. आरोप है कि शहरोज ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद उसे राजस्थान के श्रीगंगानगर जाकर हथियार और विस्फोटक सामग्री हासिल करने का काम सौंपा गया. एटीएस के अनुसार, इस कार्य के लिए आरोपी के बैंक खाते में 5,000 रुपये एडवांस भी भेजे गए थे. हाल ही में मुंबई से अपने गांव लौटने के बाद वह श्रीगंगानगर जाने की तैयारी में था, लेकिन रवाना होने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिले अहम सुराग

गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने आरोपी के कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि इन उपकरणों से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी निगरानी से बचने के लिए सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप का इस्तेमाल करता था. पूछताछ के दौरान कथित तौर पर यह भी जानकारी मिली कि नेटवर्क का उद्देश्य भारत में युवाओं को जोड़कर आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाना था.

एटीएस ने दर्ज किया मुकदमा

एटीएस ने आरोपी के खिलाफ लखनऊ स्थित थाना एटीएस में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है. आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है. जांच एजेंसी अब बरामद डिजिटल साक्ष्यों, संपर्कों और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की गहन पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.