टीका लगाने पर मारे जाते थे ताने… बदायूं में दारोगा मेघश्याम गौतम की मौत के बाद बेटी बोली- ‘सीनियर शहीद अली करते थे परेशान’

बदायूं में न्यायालय सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर मेघश्याम गौतम की संदिग्ध मौत ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. परिजनों ने धार्मिक आस्था का मजाक उड़ाकर मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगाए हैं.

SI Death News

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अंकुर चतुर्वेदी

• 07:32 PM • 05 Jun 2026

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बदायूं में न्यायालय सुरक्षा में तैनात सब इंस्पेक्टर मेघश्याम गौतम की संदिग्ध मौत का मामला सुर्खियों में है. सब इंस्पेक्टर मेघश्याम गौतम की मौत का  मामला अब धार्मिक आस्था और कथित मानसिक प्रताड़ना के आरोपों के चलते नया मोड़ लेता दिख रहा है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि मेघश्याम गौतम को माथे पर टीका लगाकर ड्यूटी पर आने को लेकर टिप्पणी का सामना करना पड़ता था. परिवार का दावा है कि उनकी धार्मिक आस्था का मजाक उड़ाया जाता था और इसी बात को लेकर वे मानसिक तनाव में थे. हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटी-मॉर्टम हैंगिंग की पुष्टि की है और कहा है कि लिखित शिकायत मिलने पर हर पहलू की जांच की जाएगी.

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कौन थे दरोगा मेघश्याम गौतम?

बदायूं के थाना सिविल लाइन क्षेत्र की मधुबन कॉलोनी में किराए के कमरे में रहने वाले सब इंस्पेक्टर मेघश्याम गौतम का शव गुरुवार को कमरे के अंदर मिला था. मूल रूप से मथुरा जिले के सकना गांव निवासी 55 वर्षीय मेघश्याम गौतम न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी में तैनात थे. सुबह करीब साढ़े दस बजे तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो मकान मालिक की बेटी ने उन्हें फोन किया. लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई.  इसके बाद खिड़की से झांकने पर उनका शव फंदे से लटका मिला.  सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

मामले में अब सबसे बड़ा सवाल धार्मिक आस्था को लेकर लगाए गए आरोपों ने खड़ा कर दिया है. मृतक की बेटी राधिका और परिजनों का आरोप है कि मेघश्याम गौतम नियमित रूप से माथे पर टीका लगाकर ड्यूटी पर जाते थे. लेकिन इसे लेकर न्यायिक सुरक्षा प्रभारी शाहिद अली कथित तौर पर टिप्पणी करते थे. परिजनों के मुताबिक उनसे कहा जाता था कि क्या टीका-टप्पा लगाकर चले आते हो? परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ टिप्पणी तक सीमित नहीं था बल्कि इस वजह से उन्हें मानसिक रूप से परेशान भी किया जाता था.

परिजनों का दावा है कि मेघश्याम गौतम अपनी धार्मिक मान्यताओं को लेकर बेहद आस्थावान थे और राधा-कृष्ण के भक्त थे. बेटे का कहना है कि पिता ने पहले भी परिवार के लोगों से अपनी परेशानी साझा की थी और तबादला कराने की बात कही थी. परिवार का आरोप है कि लगातार मानसिक दबाव के चलते वह तनाव में थे. 

उधर बदायूं एसएसपी अंकिता शर्मा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटी-मॉर्टम हैंगिंग सामने आई है. परिजनों ने कई आरोप लगाए हैं. लेकिन अब तक कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है. एसएसपी के मुताबिक, परिवार लिखित शिकायत देता है तो पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच करेगी.