हापुड़, उत्तर प्रदेश): हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र में एक दावत के दौरान मीट न खाने पर हिंदू युवक को चाकू मारकर घायल करने का आरोप लगाया गया था. हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में सांप्रदायिक मोड़ और चाकूबाजी का यह दावा पूरी तरह झूठा साबित हुआ है.
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पुलिस के मुताबिक, मामला शराब के नशे में आपस में हुए विवाद का है. फिलहाल, पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी पिता और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया है.
पूरा मामला और आरोप
घायल युवक कपिल चौहान के परिजनों ने आरोप लगाया था कि आरोपी नौशाद और उसका बेटा कपिल को दावत के बहाने एक आम के बाग में ले गए थे. आरोप के मुताबिक, वहां शराब और मीट की दावत चल रही थी.
जब कपिल ने मीट खाने से इनकार कर दिया, तो नौशाद और उसके नाबालिग बेटे ने उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट करते हुए चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया. इस शिकायत के आधार पर बहादुरगढ़ थाना पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर लिया.
पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जब पुलिस ने जांच की तो कहानी कुछ और ही निकली.
बहादुरगढ़ के थाना प्रभारी इंद्रकांत यादव ने बताया कि दावत के दौरान दोनों पक्षों में मीट को लेकर नहीं, बल्कि ज्यादा शराब पिलाने की बात पर झगड़ा हुआ था. बहस के दौरान नौशाद के बेटे ने कपिल को धक्का दे दिया, जिससे कपिल खेत के किनारे लगी लोहे की कंटीली बाड़ (तार) से जा टकराया और उसके हाथ में चोट आ गई. चाकुओं से हमले की बात पूरी तरह गलत है और खुद पीड़ित कपिल ने भी पुलिस को दिए बयान में इसकी पुष्टि की है.
एसपी हापुड़ का बयान
कपिल और नौशाद ने मिलकर आम का एक बाग किराए पर लिया हुआ है. घटना के वक्त कपिल, नौशाद और उसका बेटा शाहरुख तीनों बैठकर शराब पी रहे थे. इस दौरान नौशाद ज्यादा शराब पीने की वजह से जमीन पर गिर गया. पिता को गिरता देख बेटा शाहरुख नाराज हो गया और उसने कपिल को धक्का दे दिया, जिससे कपिल लोहे की बाड़ पर गिरकर मामूली रूप से घायल हो गया.
हापुड़ पुलिस के मुताबिक, भले ही चाकूबाजी और सांप्रदायिक विवाद के आरोप झूठे निकले हों, लेकिन मारपीट की घटना को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है. पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी नौशाद और उसके बेटे शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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