भीषण गर्मी में फाइलों संग तहसील के बाहर घंटों खड़े रहे IAS रिंकू सिंह राही, चेंबर नहीं मिलने पर थे नाराज!

अलीम सिद्दीकी

• 12:16 PM • 28 Jul 2026

उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही फिर चर्चा में हैं. जालौन की उरई तहसील में चेंबर नहीं मिलने से नाराज होकर वह फाइलों और सरकारी सामान के साथ नई तहसील पहुंचे और घंटों बाहर खड़े रहे. बाद में अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर वह पुराने कार्यालय लौट गए.

IAS Rinku Singh Rahi News

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IAS Rinku Singh Rahi News: उत्तर प्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही एक बार फिर सुर्खियों में हैं. जालौन जिले की उरई तहसील में चेंबर आवंटित नहीं होने से नाराज होकर वह फाइलों, दस्तावेजों और सरकारी सामान से भरे लोडर के साथ नई तहसील परिसर के बाहर पहुंच गए. भीषण गर्मी के बीच वह घंटों तक बाहर खड़े रहे और चेंबर मिलने तक वहीं रुकने की बात कही. मामला बढ़ता देख अपर जिलाधिकारी ने उन्हें फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुराने कार्यालय से काम करने के निर्देश दिए, जिसके बाद वह अपना सामान लेकर वापस लौट गए.

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नई तहसील में दफ्तर शिफ्ट हुआ

जालौन की उरई तहसील में 25 जुलाई को मुख्यमंत्री द्वारा नए भवन का उद्घाटन किया गया था. इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर से नवीन तहसील में कार्यालयों को स्थानांतरित किया जा रहा था. इसी क्रम में एसडीएम (न्यायिक) आईएएस रिंकू सिंह राही का दफ्तर भी नई तहसील में जाना था, लेकिन वहां उन्हें बैठने के लिए चेंबर आवंटित नहीं किया गया. इससे नाराज होकर वह 25 जुलाई को दोपहर करीब 3 बजे फाइलों, जरूरी दस्तावेजों, कोर्ट के सामान और अलमारियों से भरे लोडर के साथ नवीन तहसील परिसर पहुंच गए.

चेंबर नहीं मिला तो रातभर रुकने की कही बात

नई तहसील पहुंचने के बाद जब आईएएस रिंकू सिंह राही को चेंबर नहीं मिला तो उन्होंने वहीं इंतजार करना शुरू कर दिया. बताया गया कि भीषण गर्मी के बावजूद वह काफी देर तक परिसर के बाहर खड़े रहे. उन्होंने साफ कहा कि जब तक उन्हें चेंबर आवंटित नहीं किया जाता, तब तक वह तहसील परिसर के बाहर ही रहेंगे. उन्होंने जरूरत पड़ने पर रातभर वहीं रुकने का फैसला भी जताया. इस दौरान उनका सामान और सरकारी फाइलें लोडर में ही रखी रहीं.

अपर जिलाधिकारी के आदेश पर पुराने कार्यालय लौटे

मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अपर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से निर्देश जारी किए गए. आदेश में कहा गया कि एसडीएम (न्यायिक) का कामकाज फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुराने कार्यालय से ही संचालित किया जाए. इसके बाद आईएएस रिंकू सिंह राही ने अपना सामान दोबारा लोडर में रखवाया और वापस पुराने दफ्तर लौट गए. इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और नई तहसील में कार्यालय आवंटन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

आधी सैलरी लेने की मांग को लेकर भी रहे थे चर्चा में

आईएएस रिंकू सिंह राही इससे पहले साल 2023 बैच के अधिकारी के तौर पर अपने एक पत्र को लेकर सुर्खियों में आए थे. उन्होंने उत्तर प्रदेश नियुक्ति विभाग को 5 पेज का पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने लिखा था कि एसडीएम न्यायिक के पद पर दिनभर में करीब 4 घंटे का ही काम रहता है, इसलिए उन्हें आधी तनख्वाह दी जाए. उन्होंने पत्र में जालौन की किसी अन्य तहसील, किसी दूसरे जिले या फिर उत्तर प्रदेश के बाहर किसी अन्य राज्य में भेजने का अनुरोध भी किया था.

पत्र में लगाए थे कई गंभीर आरोप

अपने पत्र में आईएएस रिंकू सिंह राही ने एक कैबिनेट मंत्री और विधायक के नाम का भी जिक्र किया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक के सामने ही जिलाधिकारी ने अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए थे. इसके अलावा उन्होंने मंत्री के करीबी के कोल्ड स्टोरेज से जुड़े मामले में लखनऊ अग्निकांड के बाद जांच करने पर षड्यंत्र के तहत जल्दबाजी में उनका ट्रांसफर एसडीएम जालौन से एसडीएम न्यायिक के पद पर किए जाने का आरोप लगाया था. अब चेंबर आवंटन को लेकर हुए इस घटनाक्रम के बाद आईएएस रिंकू सिंह राही एक बार फिर चर्चा में हैं.