Baghpat Double Murder Case: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कस्बे में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दो हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. पुलिस चौकी और तहसील से चंद कदम की दूरी पर स्थित दिल्ली अड्डे (एनएच-709बी) के पास, बदमाशों ने एक टेंट व्यापारी और उनके युवा बेटे को गोलियों से भून दिया. बता दें कि इसके तुरंत बाद ही दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया. इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. सुरक्षा व्यवस्था से नाराज व्यापारियों ने बाजार पूरी तरह बंद कर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को जाम कर दिया और कई घटों तक शव उठाने से इनकार कर दिया.
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क्या है पूरा मामला?
घटना कोतवाली बड़ौत क्षेत्र के बस स्टैंड पुलिस चौकी और तहसील के समीप की है. टेंट व्यवसायी सोहनलाल अग्रवाल अपनी दुकान पर बैठे थे. इसी दौरान हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों की आवाज सुनकर जब सोहनलाल के बेटे विकास अग्रवाल पिता को बचाने के लिए दौड़े तो हमलावरों ने उन्हें भी निशाना बना लिया. बदमाशों ने दोनों पिता और बेटे पर कई राउंड अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस गोलीबारी के दौरान वहां से गुजर रहे रोहित नाम के एक राहगीर को भी गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
10 साल पुरानी रंजिश ने लिया खूनी रूप
इस पूरी वारदात की जड़ करीब 10 साल पुरानी बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब आरोपी वरुण के भाई कपिल की कोल्ड ड्रिंक और नमकीन को लेकर व्यापारी सोहनलाल के परिवार से कहासुनी हो गई थी. इसी विवाद ने धीरे-धीरे बड़ा रूप ले लिया और बाद में हिंसक झगड़े में बदल गया, जिसमें एक तरफ कपिल की मौत हो गई जबकि दूसरी ओर व्यापारी पक्ष से भी एक व्यक्ति की जान चली गई थी. इसी पुरानी रंजिश का खामियाजा अब सालों बाद सामने आया है.
कौन है वरुण लुहारी?
मृतक सोहनलाल के भाई दीपक अग्रवाल ने बताया कि इस खूनी खेल की शुरुवात 10 साल पहले यानी साल 2015 में हुई थी. तभी से आरोपी वरुण लुहारी उनसे पुरानी रंजिश रख रहा था.
उन्होंने आगे बताया कि आरोपी वरुण लुहारी पास के ही लुहारी खानपुर गांव का रहने वाला एक बदमाश है. उसके खिलाफ पहले से ही लूट, डकैती और रंगदारी जैसे गंभीर अपराधों के करीब 36 मुकदमे दर्ज हैं. हाल ही में उस पर गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया था लेकिन इसके बावजूद वह खुलेआम बड़ौत पहुंचा और इस बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया. सीसीटीवी कैमरों में तीन हमलावर दिखाई दे रहे हैं, जबकि परिजनों का दावा है कि मौके पर 6 से 7 लोग मौजूद थे.
पुलिस की लापरवाही पर उठे सवाल
इस हत्याकांड ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है. परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक के भाई दीपक अग्रवाल के अनुसार परिजनों ने पुलिस को पहले ही सूचित किया था कि वरुण लुहारी से उनकी जान को खतरा है. इस घटना से महज चार दिन पहले परिजनों ने बस स्टैंड चौकी इंचार्ज महिपाल दरोगा से मिलकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.
उनसके भाई ने आगे बताया कि जिस जगह यह हत्या हुई, वहां से एसडीएम कार्यालय महज 10 से 50 मीटर और पुलिस चौकी मुश्किल से 100 मीटर की दूरी पर है. इतने सुरक्षित क्षेत्र में दिनदहाड़े गोलियां चलना पुलिस के इकबाल पर बड़ा सवाल है.
6 महीने पहले ही हुई थी बेटे की शादी
इस घटना ने हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है. मृतक विकास अग्रवाल की शादी पिछले साल ही 4 दिसंबर 2025 को हुई थी. विकास की पत्नी इस समय 3 महीने की प्रेग्नेंट हैं. पिता और पति को एक साथ खोने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. रिश्तेदार और व्यापार संघ के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं लेकिन सभी की आंखें नम हैं और दिल में आक्रोश है.
व्यापारियों में किया बाजार बंद
वारदात के बाद गुस्साए व्यापारियों और परिजनों ने हाईवे जाम कर दिया और आरोपियों के एनकाउंटर व तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए. बड़ौत का सबसे व्यस्तम इलाका दिल्ली अड्डा और पूरा बाजार पूरी तरह बंद रहा. स्थिति को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. अधिकारियों द्वारा जल्द सख्त कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही जाम खोला जा सका और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
इस बीच, यह भी भी खबर सामने आई है कि घटना के बाद मुख्य आरोपी वरुण लुहारी भी घायल हुआ था, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई है. हालांकि, परिजनों का कहना है कि पुलिस ने अभी तक उन्हें इसकी कोई आधिकारिक व पक्की जानकारी नहीं दी है.
पुलिस ने क्या कहा?
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बागपत ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश का लग रहा है. इस घटना में तीन लोगों को गोली लगी थी, जिनमें से सोहनलाल और विकास की मौत हो चुकी है. आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की 10 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं. अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा.
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