उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत में हुए सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है. इस हत्याकांड में जब गैंगस्टर वरुण लोहारी का शव उसके गांव पहुंचा, तो पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज होकर अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया. हालांकि, बाद में पुलिस कप्तान (एसपी) के दखल और आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ और वरुण का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया. इस पूरे विवाद और पुलिस के रवैये को लेकर लोहारी गांव के ग्राम प्रधान अशोक कुमार ने'यूपी Tak से बातचीत में कई चौंकाने वाली बातें कही हैं.
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क्यों किया था अंतिम संस्कार से इनकार? ग्राम प्रधान ने बताया कारण
अंतिम संस्कार रोकने की वजह बताते हुए ग्राम प्रधान अशोक कुमार ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए. ग्राम प्रधान ने बताया, "घटना बेहद दुखद है, तीन-तीन लोगों की जान चली गई. लेकिन पुलिस का व्यवहार अच्छा नहीं था. पुलिस ने मृतक वरुण के पिता बाबूराम (मास्टर जी) को ही निर्दोष होते हुए भी जेल भेज दिया. आला अधिकारियों ने पहले हमसे कुछ और बात की, हमें धोखे में रखा और कल जिस बात के लिए हां भरी थी, आज मुकरते हुए उन्हें जेल भेज दिया." उन्होंने कहा जो असली दोषी है उसे कतई न बख्शा जाए, लेकिन किसी निर्दोष को बिना वजह जेल न भेजा जाए.
कप्तान के दखल और FIR दर्ज होने के बाद बनी सहमति
गांव में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए खुद पुलिस कप्तान (एसपी) को मौके पर पहुंचना पड़ा. ग्राम प्रधान ने बताया कि कप्तान साहब के सामने पूरी बात रखी गई. जो लोग सीधे तौर पर गोली मारते हुए दिखे हैं, उनके खिलाफ परिजनों की तहरीर पर दो नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है. पुलिस द्वारा कार्रवाई का भरोसा मिलने और दो बंदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद समाज के लोग संतुष्ट हुए और इसके बाद ही वरुण का अंतिम संस्कार किया गया.
जाट बनाम बनिया विवाद की कोशिश? बिरादरी के झगड़े पर बड़ा बयान
इस मामले को दो बिरादरियों के बीच का झगड़ा बनाने की कोशिशों के सवाल पर ग्राम प्रधान ने दोटूक कहा, "प्रशासन या कुछ शरारती लोग इसे बिरादरी का रंग देना चाह रहे हैं, लेकिन समाज कभी गलत काम नहीं करता. हम क्षेत्र में पूरी तरह शांति चाहते हैं. हमारा बड़ौत कस्बा जाट बाहुल्य क्षेत्र में आता है, लेकिन जाटों की ऐसी कोई भावना नहीं है कि किसी अन्य बिरादरी को परेशान किया जाए."
11 साल पुरानी रंजिश
प्रधान ने बताया कि इस खूनी खेल का अंत होना जरूरी है. जिस लड़के (दीपक) ने वरुण को गोली मारी है, उसी ने कपिल प्रधान को भी गोली मारी थी. इस परिवार के एक लड़के को इन लोगों ने 11 साल पहले भी मार दिया था.
प्रशासन को सीधी चेतावनी- मांग पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि असली दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाए और निर्दोष बाबूराम मास्टर जी को तुरंत रिहा किया जाए. ग्राम प्रधान अशोक कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कानून ने अपना काम निष्पक्षता से नहीं किया और उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो जल्द ही एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा. फिलहाल मौके पर एहतियातन पुलिस बल तैनात है.
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