उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने और फिर उसे हटाने के प्रस्ताव को लेकर भारी विवाद हो गया. देखते ही देखते दो पक्ष आपस में भिड़ गए और जमकर पथराव हुआ.
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मामला लबकनी गांव का है. बात तब बिगड़ी जब प्रशासन को पता चला कि मूर्ति बिना इजाजत सरकारी जमीन पर लगाई गई है. देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी के निर्देश पर रुद्रपुर एसडीएम राजकुमार गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद गांव का माहौल गरमा गया.
आधी रात को प्रतिमा स्थापित
पूरा मामला देवरिया के गौरीबाजार थाना क्षेत्र के लबकनी गांव का है. बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात कुछ लोगों ने आंगनवाड़ी केंद्र के पास नवीन परती (सरकारी बंजर जमीन) पर अचानक बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी.
बुधवार सुबह जैसे ही प्रशासन को इसकी भनक लगी, हड़कंप मच गया. राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम स्थिति का जायजा लेने गांव पहुंच गई. प्रतिमा हटाए जाने के डर से गांव की महिलाएं देर रात तक मूर्ति के पास डटी रहीं. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और शांति बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ.
गुरुवार को आमने-सामने आए दो पक्ष
बुधवार के तनाव के बाद गुरुवार को स्थिति और बिगड़ गई. प्रतिमा को हटाने की चर्चाओं के बीच गांव के दो गुट आपस में उलझ गए. कहासुनी इतनी बढ़ी कि देखते ही देखते दोनों ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई.
गांव में अचानक हुई इस पत्थरबाजी से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और किसी तरह हालात पर काबू पाया.
गौरीबाजार थाना प्रभारी मृत्युंजय राय ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
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