फेंका गया मांस का टुकड़ा? कैराना में दंडवत कांवड़ खंडित होने के आरोप पर बवाल, SP ने दी सफाई

शरद मलिक

• 04:14 PM • 30 Jul 2026

शामली के कैराना में दंडवत कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ पर मांस फेंकने के आरोप से विवाद खड़ा हो गया. पीड़ित ने साजिश का आरोप लगाया जबकि पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे अफवाह बताते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया.

Shamli News

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उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना क्षेत्र में दंडवत कांवड़ यात्रा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. बेटी के जन्म की मन्नत पूरी होने पर हरिद्वार से दंडवत कांवड़ ला रहे हरियाणा के रहने वाले धर्मवीर ने चार युवकों पर उनकी कांवड़ पर मांस फेंककर उसे अपवित्र करने का आरोप लगाया है. घटना के बाद पीड़ित का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिससे इलाके में तनाव का माहौल है. हालांकि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अलग ही कहानी बयां करते हुए साजिश के आरोपों को खारिज किया है.

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क्या है पूरा मामला

हरियाणा के पानीपत के रहने वाले धर्मवीर उर्फ नाथी एमडी रावल अपनी नवजात बेटी की खुशी में हरिद्वार से अपने गांव तक दंडवत कांवड़ यात्रा पर निकले थे. धर्मवीर का आरोप है कि मंगलवार रात करीब 11 बजे जब वह कैराना के काकौर गांव स्थित एक धार्मिक स्थल के पास से गुजर रहे थे. तभी वहां बैठे चार युवकों ने उनकी कांवड़ पर मांस का टुकड़ा फेंक दिया. पीड़ित का दावा है कि इस हरकत से उनकी दंडवत कांवड़ खंडित हो गई और उनकी हफ्तों की मेहनत पर पानी फिर गया.

18 घंटे बीते पर नहीं हुई कार्रवाई?

घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी. पीड़ित धर्मवीर का दावा है कि उन्होंने मौके पर छूटी एक संदिग्ध बाइक भी पुलिस के हवाले की थी. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में धर्मवीर ने पुलिस प्रशासन पर ढिलाई का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और न ही एफआईआर की कॉपी मिली. पीड़ित ने शासन और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाते हुए दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

'मांस नहीं फेंका गया, मिट्टी में दबी थी हड्डी'

मामले के तूल पकड़ते ही शामली के पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने सामने आकर स्थिति साफ की. उन्होंने बताया कि 'प्राथमिक जांच और मौके के मुआयने से ऐसा प्रतीत होता है कि सड़क किनारे मिट्टी में कोई पुरानी हड्डी दबी हुई थी, जो वाहनों की आवाजाही या हलचल से ऊपर आ गई थी.' पुलिस का कहना है कि अब तक की तफ्तीश में किसी भी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर मांस या हड्डी फेंके जाने का कोई साक्ष्य या पुष्टि नहीं मिली है.'

इलाके में चौकसी बढ़ी

पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की वैज्ञानिक और निष्पक्ष जांच की जा रही है. मौके से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी. फिलहाल किसी भी तरह की अफवाह से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल सतर्क है.