उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बर्तन व्यापारी विनोद सहनी की बेरहमी से पीट-पीटकर हुई हत्या के बाद पूरे पूर्वांचल में जन-आक्रोश का माहौल है. इस वारदात ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है जहां आगामी सियासी समीकरणों को साधने के लिए निषाद वोट बैंक की राजनीति चरम पर है.
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एक तरफ जहां यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद अपनी ही सरकार में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं. वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर सपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है. मृतक परिवार से मिलने पहुंचीं सपा नेता काजल निषाद की गोंडा में पुलिस अधिकारी से एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर हुई तीखी बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
यादव या मुसलमान होता तो तुरंत बुलडोजर चलता- काजल निषाद
मृतक विनोद सहनी के परिवार से मुलाकात करने पहुंचीं सपा नेता काजल निषाद ने पुलिस की ढिलाई पर गंभीर सवाल उठाए. काजल निषाद ने आरोप लगाया कि अगर आरोपी किसी खास वर्ग, यादव या मुसलमान होते तो पुलिस अब तक एनकाउंटर कर चुकी होती और उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया गया होता. इस पर मौके पर मौजूद पुलिस इंस्पेक्टर संतोष सिंह ने तीखा जवाब देते हुए कहा 'हर मामले को एक नजर से देखिए. अपराध करने वालों पर कार्रवाई होगी, बुलडोजर भी चलेगा और सब चलेगा. कानून के मुताबिक काम करने दीजिए.' दोनों के बीच हुई इस बहस का वीडियो अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है.
क्या है पूरा मामला?
घटना गोंडा के परसपुर थाना क्षेत्र के शाहपुरा धनुआ इलाके की है. 45 साल के विनोद कुमार सहनी बर्तन की दुकान चलाते थे. बुधवार रात करीब 10:30 बजे दुकान बंद कर घर लौटते समय कुछ दबंगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया. आरोपियों ने पहले विनोद के साथ बेदर्मी से मारपीट की और फिर धारदार हथियार से हमला कर दिया. गंभीर हालत में उन्हें गोंडा जिला अस्पताल से लखनऊ KGMU रेफर किया गया जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.
घटना के बाद लोगों के गुस्से को देखते हुए पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया. पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों-शुभम, सुभाष और एक अन्य साथी को गिरफ्तार कर लिया है. लापरवाही बरतने के आरोप में गोंडा एसपी ने परसपुर थाना अध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी और स्थानीय चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.
निषाद वोट बैंक पर काबिज होने की सियासी होड़
पूर्वांचल की राजनीति में निषाद/सहनी समाज एक बेहद अहम और निर्णायक वोट बैंक माना जाता है. यही वजह है कि इस घटना के बाद हर राजनीतिक दल इस समाज के साथ खड़े दिखने की होड़ में है.
मंत्री संजय निषाद का धरना: अपनी ही सरकार में मंत्री संजय निषाद ने पहले लखनऊ KGMU के बाहर और फिर शुक्रवार को गोंडा कलेक्ट्रेट में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया.
सपा का दांव और काजल निषाद: अखिलेश यादव सोशल मीडिया के जरिए लगातार सरकार पर हमलावर हैं. उन्होंने अपने प्रमुख निषाद चेहरे राज्यपाल कश्यप और काजल निषाद को मौके पर भेजा.
काजल निषाद का सियासी कद
2021 में सपा में शामिल हुईं पूर्व अभिनेत्री काजल निषाद पूर्वांचल में पार्टी का प्रमुख निषाद चेहरा बन चुकी हैं. कैंपियरगंज विधानसभा, गोरखपुर मेयर और 2024 के लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद सपा लगातार उन्हें निषाद समाज को जोड़ने के लिए आगे कर रही है.
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