रक्षाबंधन पर जिन चार बहनों ने अपने इकलौते भाई के सिर पर हाथ फेरकर और हाथों पर राखी बांधकर खुशी-खुशी दिल्ली के लिए विदा किया था उन्हें क्या पता था कि वह भाई अब कभी जीवित लौटकर नहीं आएगा. दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के अचानक भरभराकर गिरने से औरैया के रहने वाले होनहार छात्र पवन की दर्दनाक मौत हो गई.
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5 सितंबर को ही घर से दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए रवाना हुआ पवन अब सफेद कफन में लिपटकर घर लौटा है. इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है. मां बदहवास है और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
राखी और जन्माष्टमी मनाकर लौटा था दिल्ली
औरैया के दिबियापुर दयाराम नगर का रहने वाला पवन अपने परिवार का इकलौता बेटा और चार बहनों में सबसे छोटा व चहेता था. उसके पिता विशंभर सिंह वर्मा स्वास्थ्य विभाग (होम्योपैथिक) से सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट हैं. पवन हाल ही में रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का त्योहार मनाने घर आया था. बहनों के साथ हंसी-ठिठोली और परिवार के साथ त्योहार मनाने के बाद वह 5 सितंबर को दिल्ली के लिए रवाना हुआ था.
पवन की रोजाना सुबह-शाम अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात होती थी. हादसे वाले दिन भी सुबह उसने मां से बात की थी. लेकिन शाम को जब उसका फोन नहीं आया तो मां परेशान हो गई. बाद में परिजनों को सत्यनिकेतन में इमारत गिरने की खबर मिली. 7 सितंबर को पिता अपनी बेटी के साथ दिल्ली पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद देर रात पवन का शव लेकर घर लौटे.
CUET क्रैक कर मोतीलाल नेहरू कॉलेज में लिया था दाखिला
पवन बचपन से ही पढ़ने में बहुत होनहार था. उसने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद CUET परीक्षा पास की थी. जुलाई में ही उसका दाखिला दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मोतीलाल नेहरू कॉलेज में B.Sc. कंप्यूटर साइंस में हुआ था. बेहतर भविष्य के सपने लेकर वह सत्यनिकेतन स्थित इमारत में रह रहा था जहां 9 सितंबर को यह भीषण हादसा हो गया.
हादसे के बाद पवन के घर में मातम छाया हुआ है. पवन के मामा बदहवास हालत में बताते हैं कि जिस भांजे को बचपन से गोद में खिलाया, पापा की डांट से बचाकर चीजें दिलाईं, आज वही उनसे दूर हो गया. बेटे के जाने के बाद मां की हालत बेहद नाजुक है.
परिजनों ने बताया कि घटना की शुरुआती जानकारी दिल्ली में ही पढ़ने वाली पवन की रिश्तेदार (बहन) के जरिए मिली थी जिसने ट्रामा सेंटर में घटना की खबर मिलने के बाद घर पर फोन किया था. इसके बाद जब सोशल मीडिया पर पवन की कॉलेज एडमिशन स्लिप वायरल हुई तब जाकर परिजनों को उसकी मौत की खबर पर यकीन हुआ.
मकान मालिक समेत 3 गिरफ्तार
सत्य निकेतन में जर्जर पांच मंजिला इमारत गिरने से अब तक कुल 7 लोगों की जान जा चुकी है. इस हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिल्डिंग मालिक हरिराम, उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में MCD (नगर निगम) ने 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है.
कार्रवाई के बीच खड़े होते तीखे सवाल
मकान मालिक की गिरफ्तारी और अधिकारियों के निलंबन जैसी प्रशासनिक कार्रवाइयों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ कागजी कार्रवाई और सस्पेंशन से यह लचर व्यवस्था सुधर जाएगी? क्या कोई भी कार्रवाई इस पीड़ित परिवार को उनका इकलौता बेटा पवन वापस लौटा पाएगी? जर्जर इमारतों और प्रशासनिक अनदेखी की बलि चढ़ते निर्दोष छात्रों की सुरक्षा का जिम्मेदार आखिरकार कौन है?
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